Training of personnel started for Covid Vaccination in the district
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उत्तराखंड

जनपद में कोविड वैक्सीनेशन के लिए कर्मियों का प्रशिक्षण प्रारंभ

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हल्द्वानी, 14 जनवरी (हि.स.)। कोविड वैक्सीन की आमद से पूर्व जनपद में कोविड वैक्सीनेशन के लिए कार्मिकों का प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशन में गुरुवार को मेडिकल काॅलेज सभागार में वैक्सीनेशन कार्मिकों को दो चरणो में प्रशिक्षण दिया गया। 16 जनवरी को प्रथम चरण में स्वास्थ्य कर्मियों को जनपद में चार स्थानों महिला चिकित्सालय हल्द्वानी, मेडिकल काॅलेज हल्द्वानी, बीडी पाण्डे महिला चिकित्सालय नैनीताल व संयुक्त चिकित्सालय गरमपानी में कोविड वैक्सीनेशन किया जायेगा। गुरुवार को दो चरणों में 168 कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में नोडल एवं अपर जिलाधिकारी केएस टोलिया ने कहा कि सभी कार्मिक प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और प्रशिक्षण में दी जा रही सभी जानकारियों को भलि भांति समझे, ताकि वैक्सीनेशन के समय किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। कोई भी गलती क्षम्य नहीं होगी। टोलिया ने मेडिकल काॅलेज में 16 जनवरी को किये जाने वाले वैक्सीनेशन कक्षों का निरीक्षण किया तथा तैयारियों का जायजा भी लिया। मास्टर ट्रेनर व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. रश्मि पन्त ने बताया कि सभी रूम मानकों के अनुसार बनाये जाएंगे, जिसमें तीन कक्ष होंगे। पहला कक्ष टीका लगवाने वालों के लिए वेटिंग कक्ष, दूसरा कक्ष टीकाकरण के लिए एवं तीसरा कक्ष टीकाकरण के पश्चात 30 मिनट तक लाभार्थी की निगरानी के लिए होगा। कक्षों में सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का भी पूर्ण अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को वैक्सीन एवं वैक्सीनेशन की तकनीकी जानकारियां देते हुए कहा कि टीकाकरण केंद्र पर समुचित मात्रा में सैनिटाइजर, मास्क आदि की व्यवस्था रखी जायेगी, ताकि लाभार्थियों एवं कर्मियों के द्वारा सैनीटाइजर का उपयोग किया जा सके। साथ ही कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए साफ-सफाई का पूर्ण रूप से ध्यान देते हुए निर्गत प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित किया जाए। टीकाकरण के पश्चात लाभार्थी को किसी प्रकार की परेशानी के प्रबंध के लिए सेंटरों पर एनाफलीसिस किट एवं एईएफआई किट की पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहेगी। टीकाकरण केन्द्रों पर कोविड टीकाकरण के उपरान्त जनित जैव चिकित्सा अपशिष्टों के प्रबंधन (बायो वेस्ट मैनेजमेंट) के लिए कलर कोडेड बैग्स पर्याप्त मात्र में उपलब्ध रहेंगे। वेटिंग तथा ऑब्जर्वेशन रूम में पर्याप्त संख्या में बेड एवं कुर्सी की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। वैक्सीनेशन सेंटरों पर कोविड सम्बन्धी बैनर पोस्टर का प्रदर्शन एवं साज-सज्जा सामग्रियों का समुचित प्रबंध अनिवार्य रूप से किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसी व्यक्ति को खांसी, जुकाम, बुखार आदि के लक्षण हों तो ऐसे व्यक्तियों को किसी भी दशा में वैक्सीन नहीं लगायी जाएगी। एक वायल दस लोगों को लगायी जानी है। प्रत्येक व्यक्ति को 0.5 एमएल डोज लगायी जाएगी। वैक्सीन बेशकीमती होने के कारण वायल को आवकश्कता पड़ने पर ही खोला जाएगा। डाॅ. पन्त ने बताया कि कोविड-19 टीकाकरण के लिए सभी चयनित स्थलों का नियुक्त नोडल अधिकारियों द्वारा अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण किया जायेगा। कोविड का टीका सभी प्रमाणित वैक्सीन प्रक्रियाओं से गुजरने का बाद ही स्वीकृत की गयी है और पूर्णतया सुरक्षित है। चरणवार तरीके से इसे सभी को उपलब्ध कराने की सरकार की योजना है। उन्होंने बताया कि 15 जनवरी को प्रातः 11 बजे से शीतजल मत्स्य अनुसंधान केन्द्र भीमताल में पहाड़ी क्षेत्रों-बेतालघाट, रामगढ़, धारी, ओखलकाण्डा, भीमताल क्षेत्रों में तैनात वैक्सीनेशन कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। हिन्दुस्थान समाचार/अनुपम गुप्ता-hindusthansamachar.in