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बिहार

सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं भोजपुर में फेल

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आरा,23 फरवरी(हि. स)।भोजपुर जिले में सात निश्चय योजना के तहत चल रहे कार्य अधिकारियों और कर्मचारियों की मनमानी की भेंट चढ़ गई है।सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की प्रगति काफी धीमी होने से भोजपुर में विकास की गति धीमी पड़ गई है।बिहार सरकार की ओर से बीते दिनों जारी की गई रैंकिंग सूची में कई योजनाओ के कार्यान्वयन के मामले में भोजपुर जिला पिछड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। हर घर नल का जल,गली के पक्कीकरण और नाली निर्माण जैसी योजनाएं भ्रष्टाचार और अधिकारियों की मनमानी की भेंट चढ़ कर रह गई है। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना,मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना,कुशल युवा कार्यक्रम जैसी अति महत्वाकांक्षी योजनाएं जिले में सफल नही हुई है। इन योजनाओं की सबसे बुरी स्थिति जिले में देखने को मिल रही है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत जिले के 50,972 छात्र छात्राओं को लाभ देने का लक्ष्य था किंतु इस मामले में भोजपुर 32 वें स्थान पर चला गया है। साल 2020 के अंत तक इस योजना से महज 3676 छात्र छात्राओं को लाभ मिल सका है। भोजपुर जिले के 3114 वार्डों में घर घर तक नाली, गली निर्माण का कार्य पूरा करना था किंतु इस मामले में भी यह जिला पिछड़ गया है और बिहार की रैंकिंग में जिला 30 वें स्थान पर चला गया है। मुख्यमंत्री कुशल युवा कार्यकम के अंतर्गत बेरोजगार युवकों को रोजगार के योग्य बनाने का लक्ष्य था किंतु इस मामले में भी यह जिला अच्छा प्रदर्शन नही कर पाया है। इस योजना के तहत जिले में 77,512 युवाओं को योजना का लाभ देना था बावजूद इसके 32,294 युवकों को ही इस योजना का लाभ मिल पाया है।यह लक्ष्य के पचास प्रतिशत से भी कम है। मुख्यमंत्री स्वयं सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत बेरोजगार युवा युवतियों को दो वर्ष भत्ता देने के मामले में भी भोजपुर जिला पिछले पायदान पर है।इस योजना के तहत 141626 युवा-युवतियों को लाभ के लक्ष्य के विरुद्ध 16089 लोगो को ही योजना का लाभ मिल सका है। इस योजना में भोजपुर की बिहार की रैंकिंग सूची में 24 वां स्थान है। भोजपुर के ग्रामीण क्षेत्रो में शौचालय निर्माण घर का सम्मान योजना के अंतर्गत 228 पंचायतो में योजनाओ को पूरा किया गया है और इस योजना में भोजपुर पूरे बिहार की रैंकिंग सूची में 22 वें स्थान पर है। मनरेगा योजना में फिलहाल भोजपुर जिला 22 वें नम्बर पर है।मनरेगा के तहत 47,65,680 लोगो के लिए मानव दिवस सृजित करना था किंतु दो सप्ताह पूर्व के आंकड़ो के अनुसार फिलहाल 31,58,860 मानव दिवस सृजन का कार्य ही पूरा हो सका है। इस योजना पर अभी तक 67 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हो चुकी है।मनरेगा के तहत ही 49,000 मजदूरों को कार्य देने का लक्ष्य था किंतु 23,550 को ही कार्य दिए जा सके हैं। जितने मजदूरों को यहां कार्य दिए गए उसे ससमय भुगतान कर दिया गया।भुगतान के मामले में भोजपुर की स्थिति अच्छी बताई जाती है। भोजपुर जिले में शहरी क्षेत्र में हर घर नल का जल और पक्की नाली गली योजना में दसवां स्थान है।वही ग्रामीण क्षेत्रो में इस योजना की स्थिति राज्य में रैंकिंग के मामले में छठे नम्बर पर है। शहरी क्षेत्र में शौचालय निर्माण घर का सम्मान योजना के मामले में यह जिला रैंकिंग के मामले में पांचवें स्थान पर है। भोजपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने मंगलवार को कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड 19 के कारण विकास योजनाओं के कार्यान्वयन का कार्य प्रभावित हुआ है किंतु अब इन योजनाओं के कार्यान्वयन में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हिन्दुस्थान समाचार/सुरेन्द्र/चंदा