कोविड से उपजी असमानताएँ - 'नए सामाजिक अनुबन्ध' की ज़रूरत

कोविड से उपजी असमानताएँ - 'नए सामाजिक अनुबन्ध' की ज़रूरत
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गुरुवार को दक्षिण कोरिया में एक प्रमुख शहरी नीति कार्यक्रम के दौरान संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त ने कहा है कि कोविड-19 से हर जगह "गहरी संरचनात्मक असमानताएँ उजागर हुई हैं", जिससे देशों के भीतर व उनके बीच की खाई और चौड़ी हो गई है. ग्वांगजू में, ‘चुनौतीभरे समय में मानवाधिकार: ‘एक नया सामाजिक अनुबन्ध’ (Human Rights in Times of Challenge: A New Social Contract) थीम के परिपेक्ष्य में, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख, मिशेल बाशेलेट ने ‘वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स सिटीज फोरम (WHRCF)’ में कहा कि ग़रीबी, असमानता और भेदभाव बढ़ता जा रहा है, जिससे नागरिकों और उनके नेताओं के बीच अविश्वास पनप रहा है. अपने वीडियो सन्देश में उन्होंने कहा, "इससे पहले भी, दुनिया के कई हिस्सों में हुए प्रदर्शनों ने हमें सचेत किया था कि अगर सामाजिक और आर्थिक अधिकार क़ायम नहीं रखे गए, तो समाज ख़तरे में पड़ जाएगा." दोबारा विश्वास क़ायम करने की ज़रूरत COVID-19 has exposed structural inequalities everywhere. I call for a New Social Contract with human rights at the core. That includes the rights to social protection, health, education, housing, water & sanitation, and the right to live free from discrimination.#Cities4Rights — Michelle Bachelet (@mbachelet) October 7, 2021 संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख के मुताबिक, नागरिक, राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक समेत सभी मानवाधिकारों को बढ़ावा देता व उनकी रक्षा करता एक नया सामाजिक अनुबन्ध स्थापित करने से, दोबारा लोगों का विश्वास हासिल करना सम्भव हो सकेगा. उन्होंने कहा, "इसमें सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास और पानी व स्वच्छता के अधिकार सहित भेदभाव रहित जीवन जीने का अधिकार" शामिल है." मिशेल बाशेलेट ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के अपने पिछले भाषण का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था कि जटिल कोविड-19 संकट से बाहर निकलने और एक समावेशी, हरित, टिकाऊ व लचीले भविष्य की दिशा में एक स्पष्ट रास्ता तलाशना ही “विश्व नेताओं की इस पीढ़ी का काम होगा” - या फिर उनके पतन” का सबब बनेगा. समाजों में निवेश मानवाधिकार प्रमुख ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि "मानव अधिकारों में निवेश करने का मतलब है, संकटों के ख़िलाफ़ समाज को लचीला बनाने में निवेश करना." 2008 के आर्थिक संकट के बाद चिली के राष्ट्रपति के रूप में अपने व्यक्तिगत अनुभव का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने मितव्ययिता उपायों से दूर रहना ठीक समझा और सामाजिक सुरक्षा में निवेश किया, जिससे हुए भारी लाभों का मैंने ख़ुद अनुभव किया." मिशेल बाशेलेट ने यह कार्य पेन्शन सुधार के ज़रिये किया, जिससे महिलाओं के लिये एक बेहतर व्यवस्था की शुरुआत हुई, और पुनर्वितरण और समान पहुँच के साथ यह सुनिश्चित किया गया कि सबसे कमज़ोर तबके के लोगों को एक बुनियादी आय मिल सके. उन्होंने कहा, "आर्थिक और सामाजिक आँकड़ों से यह संकेत मिला है कि ये नीतियाँ, न केवल आर्थिक विकास और बुनियादी न्याय को बढ़ावा दे रही थीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सार्वजनिक संस्थानों में लोगों का विश्वास बढ़ाने का काम भी कर रही थीं." "दुनिया भर में इन उद्देश्यों को प्राप्त करने में, अन्तरराष्ट्रीय सहयोग और एकजुटता, बेहद महत्वपूर्ण हैं." अमूल्य अनुभव फोरम का ध्यान इस पर केन्द्रित था कि किस तरह अधिक समान समाज का निर्माण किया जाए, जो मानव और ग्रह के लिये बेहतर हो. मानवाधिकार प्रमुख ने कहा, "विशेष रूप से कोविड-19 के दौरान, शहरों और स्थानीय सरकारों को मानवाधिकारों को बढ़ावा देने व उनकी रक्षा करने का जो अनुभव मिला है, वो अन्तरराष्ट्रीय समुदाय के लिये अमूल्य है." जबकि कई स्थानीय सरकारों ने पहले से ही कई तरह के मानवाधिकार योजना और घोषणाएँ विकसित कर ली हैं, वहीं कई अन्य अपने बजट में "किसी को पीछे न छोड़ देने" को प्राथमिकता दे रहे हैं. उच्चायुक्त ने विस्तार से बताया कि जब महामारी के कारण कक्षाओं को बन्द करने के लिये मजबूर होना पड़ा था, या कोविड-19 संकट के कारण लोगों की आय का ज़रिया ख़त्म हो गया था और लोगों की आवाजाही पर प्रतिबन्ध था, तो कई लोगों ने बच्चों के घरों में स्कूली भोजन पहुँचाया. बहुपक्षवाद को मज़बूत करना ज़रूरी मिशेल बाशेलेट ने कहा कि हालाँकि नागरिक, महापौरों और स्थानीय अधिकारियों से समाधानों की उम्मीद रखते हैं, लेकिन अक्सर अपने निर्वाचन क्षेत्रों को सीधे प्रभावित करने वाले निर्णयों में उनकी कोई भूमिका नहीं होती है. उन्होंने कहा, "स्थानीय सरकारों की आवाज़ को राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर सुनने की ज़रूरत है." उन्होंने कहा कि उनकी आवाज़ों से "बहुपक्षवाद मज़बूत होगा." उन्होंने कहा, "मैं इस फोरम में आप सभी से स्थानीय सरकारों के एक मज़बूत समुदाय के निर्माण की दिशा में मिलकर काम करने का आह्वान करती हूँ, जो साथ मिलकर आपस में सहयोग करें और मानवाधिकारों के लिये लड़ें." --संयुक्त राष्ट्र समाचार/UN News

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