उप्र ने विश्व पटल पर निवेश की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान किया प्राप्त-सिद्धार्थ नाथ
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उप्र ने विश्व पटल पर निवेश की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान किया प्राप्त-सिद्धार्थ नाथ

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जीडीपी बढ़ाने के लिए कन्सलटेंट्स की नियुक्ति को टेण्डर जारी लखनऊ, 22 जून (हि.स.)। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, निवेश एवं निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने विश्व पटल पर निवेश की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश पिछले तीन वर्षों से सुशासन की ओर सतत अग्रसर है। इसके फलस्वरूप आज उत्तर प्रदेश में देशी-विदेशी निवेशक निवेश के लिए इच्छुक नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मैन्युफैक्चरिंग, सिविल एविएशन, टूरिज्म, एग्रो एण्ड फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूवेल एनर्जी, टेक्सटाइल्सस, आईटी, इलेक्ट्रानिक्स और डिफेंस एण्ड एयरोस्पेश के क्षेत्र में निवेशक विशेष रुचि प्रकट कर रहे हैं। विचार-विमर्श में शामिल थे 44 देशों के प्रतिनिधि पैनेल श्री सिंह सोमवार को सीआईआई के तत्वावधान में होरासिस द्वारा ऑ आयोजित शिखर सम्मेलन में बोल रहे थे। इस शिखर सम्मेल का शुभारम्भ रेल एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने किया। इस अवसर पर 44 देशों के प्रतिनिधि पैनेल डिस्कसन में शामिल थे। होरासिस अन्तरराष्ट्रीय इकोनाॅमिक फोरम है। होरासिस सार्वजनिक और निजी संस्थाओं को रणनीतिक दूरदर्शिता प्रदान करता है, जो वैश्विक स्तर पर विकसित होने की परिकल्पना करते हैं। इसमें उद्यमियों और सरकार के प्रमुख सहित सार्वजनिक हस्तियां शामिल हैं। उप्र को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का किया जा रहा कार्य श्री सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से उत्तर प्रदेश की पूरे विश्व में ब्रांडिंग होगी और इससे निवेश लाने में आसानी होगी। उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का कार्य किया जा रहा है। श्रमिकों एवं उद्योगों के विकास हेतु लेबर रिफार्म लागू किया गया है। एमएसएमई की स्थापना हेतु 72 घण्टे के भीतर एनओसी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। चीन के मुकाबले उत्पादों के दाम कम करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। सकल घरेलू उत्पादन ढ़ाने के लिए कई प्रकार के रिफार्म लागू निवेश प्रोत्साहन मंत्री ने एफकोन्स के प्रबंध निदेशक परमशिव श्रीनिवासन द्वारा उत्तर प्रदेश में सकल घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए उठाये गये कदमो के बारे में जानकारी चाही। श्री सिंह ने कहा कि जीडीपी को बढ़ाने के लिए कन्सलटेंट्स की नियुक्ति हेतु टेण्डर जारी किया गया है। इसके अलावा सकल घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई प्रकार के रिफार्म लागू किया गए हैं। अवस्थापना सुविधाओं को मजबूत बनाया गया है। बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल, तथा गंगा एक्सप्रेस-वे और जेवर एअर पोर्ट के निर्माण से औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसके अलावा प्रदेश में लाॅजिस्टिक एवं वेयरहाउसिंग पालिसी में भी बदलाव किया गया है। उप्र नई टेक्नालाॅजी अपनाने को तैयार औरा ग्रुप के चेयरमैन एण्ड सीईओ नीरज शरन ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश में नई टेक्नालाॅजी लाई जाय, तो क्या यूपी इसको अपनाने को तैयार है? इस प्रश्न के सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि कोविड-19 महामारी आने के पहले प्रदेश में सेनेटाइजर, पीपीई किट आदि का निर्माण नहीं होता था। लेकिन, राज्य सरकार सकारात्मक पहल के फलस्वरूप प्रदेश में सेनेटाइजर बनाने की 99 नई यूनिट क्रियाशाील हुई। पीपीई किट बनाने वाली 53 इकाई पूरी क्षमता के साथ उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सभी चीजें दर्शाती हैं कि उत्तर प्रदेश कितनी तेजी के साथ नई टेक्नालाॅजी को अपनाने के लिए तैयार है। खादी एवं ग्रामोद्योग द्वारा 50 करोड़ मास्क बनाने की कार्य कराया जा रहा है। वन ट्रिलियन डालर इकोनाॅमी बनाने के लिए कौशल विकास पर विशेष जोर निवेश प्रोत्साहन मंत्री ने एएसएम ग्रुप के चेयरमैन संदीप के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि प्रदेश को वन ट्रिलियन डालर इकोनाॅमी बनाने के लिए कौशल विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। प्रवासी और निवासी श्रमिकों की स्क्लि मैपिंग कराई जा रही है। उद्योगों के हिसाब से कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न अध्ययन कोर्स शुरू किये जा रहे हैं। उन्होंने उद्यमियों का आह्वाहन किया कि वे उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश करें। सरकार हर प्रकार से सहयोग व मदद देगी। हिन्दुस्थान समाचार/संजय-hindusthansamachar.in