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कुमार विश्वास और मनोज तिवारी के संग होली की हुल्लड़

जोगी जी वा, जोगी जी वा बिना कुछ रंग लगाए ये फाल्गुन लौट न जाए नदिया के पार फिल्म का यह गीत होली के खास गीतों में शुमार रहा है इसीलिए आज तक... क्लिक »



जनक किशोरी मोरी भेलथिन बहिनिया हे मिथिला के नातेः मैथिली ठाकुर

["भोजपुरी सेंसेशन मैथिली ठाकुर की उम्र अभी बहुत कम है, पर उनकी सुरीली आवाज का जादू समूचे हिंदी जगत पर छाया है साहित्य आजतक के मंच पर उन्होंने... क्लिक »

ये सोचना गलत है कि तुम पर नजर नहीं: साहित्य आजतक में आलोक श्रीवास्तव

["ये सोचना गलत है, कि तुम पर नजर नहीं, मशरूफ़ हम बहुत हैं, मगर बेखबर नहीं, अब तो खुद अपने खून ने भी साफ कह दिया, मैं आपका रहूंगा मगर उम्र भर नहीं... क्लिक »

साहित्य आजतक का आज से आगाज, सजेगी सितारों की महफिल

'साहित्य आज तक' फिर लौट आया है आज से राजधानी दिल्ली में फिर से सज रहा है साहित्य के सितारों का महाकुंभ तीन दिनों के इस जलसे में हर दिन... क्लिक »

कवि सुदीप भोला की पाकिस्तान को गीतमय चेतावनी

कवि सुदीप भोला यों तो अपनी हास्य कविताओं के लिए जाने जाते हैं, पर आजतक के मंच पर उन्होंने पाकिस्तान को चेतावनी देती यह कविता सुनाई, 'पाकिस्तान... क्लिक »

यहां हर शख्स हर पल हादसा होने से डरता हैः राजेश रेड्डी की ग़ज़ल

["साहित्य आजतक के मंच पर राजेश रेड्डी एक शानदार शायर हैं उनकी ग़ज़लों में जिंदगी के बेहतरीन रंग दिखते हैं सुनिए साहित्य आजतक के मंच पर उनकी... क्लिक »

साहित्य आजतकः गिन्नी माही ने क्रांतिकारी गीतों से बांधा समां

["साहित्य आजतकu0026apos; के हल्लाबोल मंच का चौथा सत्र u0026apos;डेंजर दलितu0026apos; में युवाओं के दलित आंदोलन की आवाज बन चुकीं जालंधर की दलित लोक गायिका... क्लिक »

मिल जुल कर आवाज लगाएं दशहतगर्दी मुर्दाबाद, हिंदू-मुस्लिम जिंदाबाद

["मिल जुल कर आवाज लगाएं दशहतगर्दी मुर्दाबाद, हिंदू-मुस्लिम जिंदाबाद, वतन की आन है सेना, वतन की जान है सेना, वतन की फख्र है सेना वतन के वास्ते... क्लिक »

सियाराम लखन खेलैं होरी, सरजू तट राम खेलैं होरी

सियाराम लखन खेलैं होरी, सरजू तट राम खेलैं होरी, राम जी मारैं भरी पिचकारी, भरी पिचकारी- हो री पिचकारी लाज भरी सीता गोरी अबीर गुलाल उड़ावन लागैं,... क्लिक »

तुम भी पियो हम भी पीयें, प्यार के कटोरे में गंगा का पानीः मंजर भोपाली

मंजर भोपाली ने यों तो यह गीत बहुत पहले लिखा था, पर यह गंगा स्वच्छता अभियान में मुसलमानों की भागीदारी को बुलावा देते हुए उन्होंने यह कविता... क्लिक »