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सुकमा : लक्ष्य से अधिक हुईं धान की खरीदी, जिले के 2927 किसान नहीं बेच सके धान

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धान खरीद के लिए जिले को मिला था 3 लाख 35 हजार क्विंटल का लक्ष्य खरीदा हुआ 3 लाख 84 हजार 8 सौ 99 क्विंटल, लक्ष्य से 49899 क्विंटव धान की हुई अधिक खरीद सुकमा, 30 जनवरी (हि.स.)। सुकमा जिले में इस वर्ष लक्ष्य से अधिक धान की खरीद हुई। उसके बाद भी 2927 किसान धान बेच ने से वंचित रहे गए। जिले में इस वर्ष 3 नए धान खरीद केंद्र बनाए जाने के बाद भी इतनी बड़ी संख्या में किसानों का धान नहीं बेच पाना कई सवाल खड़े करता है। वहीं इस साल बनाये गए नई धान खरीद केंद्र एर्राबोर में 519 किसानों में से 345 किसान, नेतानार में 634 किसानों में 521 किसान, केरलापाल में 696 किसान में से 574 किसान ही धान बेचा सके। सुकमा जिले को इस वर्ष 3 लाख 35 हजार क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य मिला था। जिसमें जिले के 16 उर्पाजन केन्द्रों से कुल 3 लाख 84 हजार 8 सौ 99 क्विंटल की धान की खरीद किया गया। इस तरह से जिले में इस वर्ष लक्ष्य से 49899 क्विंटल अधिक धान की खरीद हो पाई। धान बेचने के लिए 12479 किसानों ने पंजीकृत करवाया था। जिसमें 9552 किसानों ने ही धान बेच पाए और 2927 किसानों धान बेचने से वंचित रहे गऐ है। जिन किसानों ने धान बैचने से वंचित रहे गए हैं। उन किसान को सामने अब समस्याएं खडी हो गई है कि वे अपनी धान की उपज कैसे बेच पाएंगे। धीमी गति से हो रहा है उठाव जिले के 16 धान खरीदी केन्द्रो में अब तक 31.85 प्रतिशत ही धान का उठाव हो पाया है। इधर धीमे गति से धान खरीद केन्द्रों में धान का उठाव होने से केन्द्र प्रभारियों को चिंता सता रही है। क्योंकि विगत वर्ष जिले में 3 केन्द्रों में बडी मात्रा में धान की सूखती आई थी। जिसके कारण इन केंद्र प्रभारियों पर एफआईआर दर्ज हुई है। जिसको देखते हुए खरीद केन्द्र प्रभारियों ने इस साल पहले ही अधिकरियों से मुलाकत कर 72 घंटे में उठाव करने के अनुबंध को अगवत कराया। इधर अधिकारियों का कहना है कि शासन स्तर पर डीओ कटता है। उसके आधार पर उठाव किया जाता है। इन केन्द्रों में नहीं हुई उठाव की शुरुआत जिले के 16 धान खरीदी केन्द्रों में से तीन धान खरीदी केन्द्र पोलमपल्ली, मुडपल्ली व चिंतागुफा से अब तक धान का उठाव प्रारंभ नहीं हुआ है। सबसे कम धान का उठाव एर्राबोर धान खरीदी केन्द्र से 2.65 प्रतिशत हो पया है। सबसे अधिक कोन्टा धान खरीद केन्द्र से 63.38 प्रतिशत धान का उठाव हो चुका है। इन दिनों मौसम में बदलाव आने से बादल छाया हुआ है। धान खरीदी केन्द्रोें में करीब 70 प्रतिशत धान खुले में पड़ा हुआ है। अगर कही मौसम बिगड़ता तो बड़ी मात्रा में धान की भीगने से नुकसान हो सकता है। जिला खाद्य अधिकारी केआर पिस्दा ने बताया कि धान खरीद केन्द्रों से धान उठाव के लिए शासन स्तर पर डीओ काटा जाता है। उसके अनुसार ही धान खरीद केन्द्रों से धान का उठाव किया जाता है। फरवरी माह के अंत तक धान का उठाव किया जाना है। धान खरीद केन्द्रों से मिलरों और संग्रहण केन्द्र के लिए धान का उठाव किया जा रहा है। हिन्दुस्थान समाचार/ मोहन ठाकुर-hindusthansamachar.in