फ्लेमिंग ने जडेजा को आखिरी ओवर दिए जाने के फैसले का किया बचाव,कहा-धोनी के पास कोई विकल्प नहीं था
फ्लेमिंग ने जडेजा को आखिरी ओवर दिए जाने के फैसले का किया बचाव,कहा-धोनी के पास कोई विकल्प नहीं था
स्पोर्ट्स

फ्लेमिंग ने जडेजा को आखिरी ओवर दिए जाने के फैसले का किया बचाव,कहा-धोनी के पास कोई विकल्प नहीं था

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शारजाह,18 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ आखिरी ओवर रवींद्र जडेजा को दिए जाने के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के फैसले का बचाव करते हुए चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने कहा कि ड्वेन ब्रावो के चोटिल होने का कारण धोनी के पास कोई और विकल्प नहीं था। फ्लेमिंग ने मैच के बाद कहा, "दुर्भाग्यपूर्ण है कि ब्रावो मैच के दौरान चोटिल हो गए थे, जिसके चलते वो मैच का आखिरी ओवर नहीं फेंक सके, वो एक बढ़िया डेथ बॉलर है।यह सीजन हमारे लिए लगातार चुनौतियों से भरा रहा है। जडेजा का आखिरी ओवर फेंकना पहले से तय नहीं था, लेकिन जब ब्रावो चोटिल हो गए तो हमारे पास इसके अलावा कोई ऑप्शन मौजूद नहीं था। हमने मैच में अपनी स्थिती काफी अच्छी बना ली थी, जहां से हम इस मैच को जीत भी सकते थे। हमे मेहनत करते रहने की जरूरत है ताकि हम टूर्नामेंट में वापसी कर सके।" ब्रावो के चोट के बारे में फ्लेमिंग ने कहा,"ब्रावो ग्रोइन इंजरी के चलते अगले कुछ दिन या फिर अगले कुछ हफ्तों के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।" उन्होंने आगे कहा, "ब्रावो की इंजरी काफी सीरियस थी, तभी वो मैदान में गेंदबाजी करने वापिस नहीं आ सके। ब्रावो इस मैच के आखिरी ओवर में गेंदबाजी नहीं करने को लेकर खुद से काफी निराश थे, यह दर्शाता है कि वो टीम के लिए कितना योगदान देना चाहते हैं। हमें उनकी चोट को आने वाले दिनों में देखना होगा। लेकिन, इस समय आप यह मान सकते हैं कि वो अगले कुछ दिन या अगले कुछ हफ्ते के लिए उपलब्ध नहीं होने वाले हैं।" इस मुकाबले में सीएसके की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए फाफ डुप्लेसी (58) और अंबाती रायुडू (45) की पारियों के दम 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 179 रन बनाए। आखिरी के ओवरों में टीम के लिए रवींद्र जडेजा ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए महज 13 गेंदों में 33 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसके चलते सीएसके एक बड़े टोटल तक पहुंच सकी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की टीम की शुरुआत खराब रही और टीम के ओपनर पृथ्वी शॉ (0) बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए, जबकि रहाणे (8) भी बल्ले से कुछ खास नहीं कर सके। कप्तान श्रेयस अय्यर (23) के साथ मिलकर धवन ने तीसरे विकेट के लिए 68 रनों की साझेदारी की, अय्यर ब्रावो का शिकार बने। टीम को इस मैच में जीत दर्ज करने के लिए आखिरी ओवर में 17 रनों की दरकार थी, लेकिन क्रीज पर मौजूद अक्षर पटेल ने ओवर में तीन छक्के जड़कर टीम को आसानी के साथ जीत दिला दी। हिन्दुस्थान समाचार/सुनील-hindusthansamachar.in