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ट्रांसमिशन लाइन व बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए समीक्षा

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इटानगर, 19 फरवरी (हि.स.)। अरूणाचल प्रदेश के उपख्यमंत्री चोना मीन ने शुक्रवार को अरुणाचल प्रदेश में ट्रांसमिशन लाइन और बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए व्यापक योजना की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में मंत्री, विधायक, मुख्य सचिव नरेश कुमार, ऊर्जा विभाग के मंत्री के सलाहकार बालो राजा, सरकार संपदा और नगर नियोजन मंत्री के सलाहकार कलिंग मोयोंग, विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। मीन ने कहा कि हम अरुणाचल प्रदेश में ट्रांसमिशन लाइन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की मजबूती के लिए गंभीर रूप से चिंतित हैं। अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा निष्पादन एजेंसी पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा कि विश्वसनीय ग्रिड कनेक्शन के माध्यम से पूरे राज्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए बिजली का प्रसारण और वितरण महत्वपूर्ण है। उन्होंने पीजीसीआईएल को बिजली मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी डेटलाइन तक कार्यान्वयन और परियोजना को पूरा करने के लिए कहा। उन्होंने बिजली विभाग और निष्पादन एजेंसी पीजीसीआईएल के बीच समन्वय बनाने के लिए दबाव डाला। मुख्य सचिव ने बताया कि राज्य में ट्रांसमिशन लाइन में आधारभूत संरचना से संबंधित इस परियोजना में 124 सब स्टेशनों के साथ 132/33 केवी लाइन की 4200 किमी से अधिक की दूरी को कवर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना कार्यान्वयन के लक्ष्य तक नहीं है, इसमें गंभीर सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने 41 लाइन व सब स्टेशन, यानी 21 सब स्टेशन और 20 ट्रांसमिशन लाइनों को पूरा करने का लक्ष्य 31 मार्च, 2021 तक निर्धारित किया है। उन्होंने बताया गया कि 3199.45 करोड़ की मूल अनुमानित लागत वाली परियोजना का लक्ष्य 132/33 केवी के 24 नए सब-स्टेशन; 33/11 केवी के 10 नए सब-स्टेशन और 132/33 केवी के मोडीफाई का लक्ष्य है। 33/11 केवी के 19 सब-स्टेशनों को मोडीफाई करने का लक्ष्य है। इस परियोजना को दिसम्बर, 2021 तक पूरा होने का अनुमान है। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबंधित उपायुक्तों के साथ वन मंजूरी, भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और जिलेवार मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में अन्य लोगों में पीसीसीएफ, सचिव (भूमि प्रबंधन), बिजली विभाग के मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता, विशेष सचिव (निगरानी) और पीजीसीआईएल के अधिकारी भी शामिल थे। हिन्दुस्थान समाचार /तागू / अरविंद