कोरोना वायरस का असर: दैनिक वेतन श्रमिकों के लिए राहत कोष आज से कार्यात्मक : कुलमीत मक्कड़
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कोरोना वायरस का असर: दैनिक वेतन श्रमिकों के लिए राहत कोष आज से कार्यात्मक : कुलमीत मक्कड़

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मोनिका शेखर कोरोना वायरस का कहर पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है। भारत ने कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। बॉलीवुड इंडस्ट्री पर भी कोरोना वायरस का असर देखने को मिल रहा है। कई फिल्मों की रिलीज डेट और शूटिंग रोक दी गई है। जिससे लाइट्स मैन, स्पॉट बॉय, टेक्निशियंस, असिस्टेंट्स और तमाम दिहाड़ी मजदूर को परेशानी हो सकती है। इस कारण प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने कोरोना से प्रभावित फिल्म इंडस्ट्री के कर्मचारियों के लिए एक सहायता कोष का गठन किया है। फिल्म एंड टेलीविजन प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (एफटीपीजी) ने एक बैठक आयोजित करने के लगभग 24 घंटे बाद दैनिक वेतन श्रमिकों को वित्तीय सहायता देने के लिए योजना बनाई है, जो शूटिंग के स्थगित होने से प्रभावित हैं। फिल्म निर्माताओं के साथ बैठक के बाद प्रोड्यूसर्स गिल्ड के सीईओ का कहना है कि दैनिक वेतन श्रमिकों के लिए राहत निधि आज से कार्यात्मक है। पैसे के वितरण की निगरानी के लिए फिल्म और टीवी निर्माता समिति में शामिल है। एसोसिएशन के सीईओ कुलमीत मक्कड़ ने खुलासा किया कि एक राहत कोष स्थापित किया जाएगा। मक्कड़ ने कहा कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि कौन दान करेगा, लेकिन कोई भी ऐसा करने के लिए स्वतंत्र है। हमने बुधवार सुबह बैंक खाता खोला है, जो गुरुवार शाम तक लोगों के लिए उनके योगदान को सीधे भेजने के लिए कार्यात्मक होगा। हम प्रत्येक प्रोडक्शन का मूल्यांकन कर रहे हैं, जो फ्लोर पर था। संबंधित प्रोडक्शंस में काम करने वाले लोगों की लिस्ट बनाई जा रही है और अंत में जितने दिनों का उनका नुकसान हुआ है, उन दिनों की संख्या को निर्धारित कर उनका भुगतान किया जाएगा। बैठक में भाग लेने वाले कई फिल्म निर्माताओं के साथ एक सम्मेलन बुलाने के दौरान उन्होंने प्रभावित लोगों की पहचान करने और आवश्यक वितरण प्रक्रिया के लिए आगे का रास्ता तैयार किया। उन्होंने कहा कि संजय लीला भंसाली की फिल्म "गंगूबाई काठियावाड़ी' की शूटिंग मंगलवार को फिल्म सिटी में बंद कर दी गई थी। उदाहरण के तौर पर मान ले कि भंसाली का 60 दिनों का शेड्यूल था और यूनिट केवल 15 दिनों के लिए काम कर सकती थी (शटडाउन से पहले), इसलिए उन्हें शेष 45 दिनों के काम के लिए मुआवजा दिया जाएगा। क्योंकि हम नहीं चाहते हैं कि लोगों को आजीविका का नुकसान हो (भले ही 31 मार्च तक शटडाउन है)। हम एक योजना की तैयारी कर रहे हैं, जो 15 से 60 दिनों के बीच काम कर सकती है। मुंबई के फिल्म निर्माताओं, निर्देशकों और कर्मचारियों के संगठनों ने एक संयुक्त बैठक कर 19 मार्च से सभी फिल्मों, धारावाहिकों और वेब सीरीज की शूटिंग रोक देने का निर्णय लिया था। हिन्दुस्थान समाचार-hindusthansamachar.in