रायगढ़ : नहर पर बेजा कब्जा करके बैठे भूमाफिया, हेर फेर करके सरकार को लगा रहे चूना

रायगढ़ : नहर पर बेजा कब्जा करके बैठे भूमाफिया, हेर फेर करके सरकार को लगा रहे चूना
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रायगढ़, 22 मई (हि.स.)। किसानों की मांग पर कांग्रेस सरकार में निर्माण किया गया लगभग 50 वर्षों पूर्व ऐतिहासिक टिपाखोल जलाशय का जिसकी 2 नहरें निर्मित हुई थी जिसकी 1 नहर पर शोरूम और कालोनी के मालिकों ने कब्जा कर बड़े-बड़े आलीशान इमारतों को बना दिया और किसानों को इस जलाशय के पानी से वंचित कर दिया। अब ये भूमाफियाओं ने षड्यंत्र पूर्वक इस नहर की जमीन को खरीदने के लिये नए नियम के तहत खरीदने की योजना बना रहे है। भगवानपुर के किसानों में भोजराम पटेल, पदुम लाल चौहान, बलराम पटेल, भानुप्रताप पटेल, नंदलाल यादव, जयचारण पटेल, रावेश सिदार, प्रेमशंकर पटेल, खगेश्वर नागवंशी और सनातन सारथी आदि ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भेजा है, जिसमे निवेदन किया है कि वर्ष 1975 के लगभग टिपाखोल जलाशय का निर्माण तत्कालीन कांग्रेस शासन में हुआ था जिसके नहर हमारे गांव भगवानपुर तक आती थी। जिसके अवशेष आज भी हैं। जिस पर वर्तमान में कुछ उद्योगपतियों, भू-माफियाओं के द्वारा खुलेआम कब्जा करके उसे रिहाइशी कॉलोनी तथा शोरूम में तब्दील कर नहर के ऊपर दबंगई से निर्माण भी कर दिया गया है। भगवानपुर वासियों ने इस पत्र की छायाप्रति प्रदेश के सिंचाई मंत्री रविन्द्र चौबे, स्थानीय मंत्री उमेश पटेल तथा स्थानीय लैलूंगा विधायक चक्रधर सिदार को भी प्रेषित की है I पत्र में आग्रह किया कि कांग्रेस सरकार किसानों की हितचिंतक सरकार है फिर जब टिपाखोल जलाशय को पर्यटन केंद्र बनाने का दिखावा किया जाना “”चिराग तले अंधेरा है”” फिर टिपाखोल की नहर पर जबरन कब्जाधारी दबंग भूमाफियाओं को हटाने की बजाय उन्हें योजना के तहत दुर्भसंधि स्थापित करके देने का कार्य के लिये प्रशासन के अंतर्गत षड्यंत्र कारी प्रयासरत है और तो और इसको बेचने के लिये प्रदेश के सिंचाई और राजस्व विभाग से आपत्ति लेने हेतु जोर-शोर से लगा हुआ है। यदि समय रहते ही टिपाखोल की इस नहर को बेचने से बचाएं नही तो हम भगवानपुर वासी न्यायालय जाने के मार्ग को प्रशस्त करेंगे। हिन्दुस्थान समाचार /रघुवीर प्रधान