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नक़ली शराब फैक्ट्री पकड़ाने और कांग्रेस नेता के भाई की संलिप्तता ,प्रदेश सरकार की नीयत, नीति और नेतृत्व पर सवाल: भाजपा

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छापेमारी में हुए ख़ुलासों ने कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र को पूरी तरह बेनक़ाब किया , पूर्व मुख्यमंत्री के आरोप को बल मिला है कि प्रदेश में 30 प्रतिशत अवैध शराब का कारोबार चल रहा रायपुर ,16 फरवरी (हि.स. )।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने रायगढ़ में नक़ली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ होने और उसमें कांग्रेस नेता के भाई की संलिप्तता को लेकर प्रदेश सरकार की नीयत, नीति और नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। श्री श्रीवास्तव ने कहा कि आबकारी विभाग के अधिकारियों द्वारा रायगढ़ में की गई छापेमारी में हुए ख़ुलासों ने कांग्रेस के राजनीतिक चरित्र को पूरी तरह बेनक़ाब कर दिया है और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के उस आरोप को बल प्रदान किया है कि प्रदेश में 30 प्रतिशत अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव नेमंगलवार को जारी अपने बयान में कहा है कि रायगढ़ के जिस मकान में छापेमारी करके आबकारी अधिकारियों ने नक़ली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ करते हुए तकरीबन 02 लाख रुपए मूल्य की शराब व सामग्रियाँ जब्त की है, उस मकान का पज़ेशन कांग्रेस नेता के भाई के पास होने की बात सामने आई है। हालाँकि आबकारी विभाग ने नक़ली शराब फैक्ट्री के संचालक का नाम अभी ज़ाहिर नहीं किया है, लेकिन तथ्य यह संकेत कर रहे हैं कि जब मकान कांग्रेस नेता के भाई का है, तो नक़ली शराब फैक्ट्री का संचालक भी वही होगा। श्री श्रीवास्तव के मुताबिक़ इधर कांग्रेस नेता के भाई का नाम सामने आते ही विभागीय अधिकारियों के हाथ-पाँव फूलने लगे हैं और वे अब गोलमोल बातें बनाकर मामले की तहक़ीक़ात करने और नक़ली शराब फैक्ट्री के असली संचालक की तलाश की दलीलें देकर अपनी जान छुड़ाने में लगे हुए हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री श्रीवास्तव ने कहा कि फैक्ट्री के असली संचालक की तलाश किस तरह हो रही है, यह रायगढ़ का चप्पा-चप्पा जानता है। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि नक़ली शराब फैक्ट्री से आबकारी विभाग को झारखंड पैरामिलिट्री फोर्स की शराब मिली थी। अब सवाल यह भी है कि फोर्स को दी जाने वाली शराब छत्तीसगढ़ के रायगढ़ तक कैसे पहुँची और यह शराब किन्हें परोसी जाती थी? श्री श्रीवास्तव ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जाँच पर ज़ोर दिया है ताकि सत्तारूढ़ दल के राजनीतिक संरक्षण में चल रहे प्रदेश के ख़जाने पर डाका डालने वाले इस नितांत ग़ैर-क़ानूनी कारोबार को बेपर्दा कर दोषियों को दंडित किया जा सके। हिन्दुस्थान समाचार /केशव शर्मा-hindusthansamachar.in