बैकुंठ-चतुर्दशी-क्यों-इस-दिन-भगवान-शंकर-से-पहले-होती-है-श्रीहरि-की-पूजा |News Php Title Baikunth Chaturdashi Before बैकुंठ चतुर्दशी भगवान शंकर श्रीहरि पूजा Hindi Latest News 


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बैकुंठ चतुर्दशी: क्यों इस दिन भगवान शंकर से पहले होती है श्रीहरि की पूजा

बैकुंठ चतुर्दशी: क्यों इस दिन भगवान शंकर से पहले होती है श्रीहरि की पूजा

पौराणिक मान्यता की मानें तो एक बार श्री हरि काशी में भगवान शंकर का पूजन करने पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्होंने मणिकर्णिका घाट पर स्नान किया और 1000 स्वर्ण कमल पुष्पों से भगवान विश्वनाथ के पूजन का संकल्प लिया। परंतु जब उन्होंने पूजन शुरु किया तो महादेव ने उनकी भक्ति की परीक्षा लेने के लिए उन 1 000 स्वर्ण पुष्पों में से एक कमल पुष्प कम कर दिया। जब विष्णु जी देखा कि एक कमल पुष्प कम है तो  उन्हें अचानक ये ख्याल आया कि मेरी आंखें भी तो कमल जैसी ही हैं क्यों न मैं अफनी अपनी एक आंख शंकर को प्रस्तुत कर दूं। ये विचार करते समय श्रीहरि भगवान शंकर को अपनी अांख अर्पित करने लगे तो महादेव प्रकट हुए
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