योगी सरकार ने 23 लाख श्रमिकों के खाते में भेजे एक-एक हजार रुपये

योगी सरकार ने 23 लाख श्रमिकों के खाते में भेजे एक-एक हजार रुपये
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- 23 लाख श्रमिकों के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए 230 करोड़ - कामगारों के पंजीकरण के लिए www.upssb.in पोर्टल का शुभारंभ - पोर्टल पर पंजीकरण के बाद दुर्घटना होने पर मिलेंगे 05 लाख लखनऊ, 09 जून (हि.स.)। कोरोना की मार झेल रहे श्रमिकों व कामगारों को भरण-पोषण भत्ता देने का वादा पूरा करते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 लाख निर्माण श्रमिकों के बैंक खाते में 01 हजार रुपये प्रति श्रमिक की दर से 230 करोड़ उनके खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। इस मौके पर 05 श्रमिकों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री ने जिलों में मौजूद श्रमिकों से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिकों के सुख-दुख में साथ खड़ी है। जिन श्रमिकों के सुख-दुःख का कोई साथी न था, आज उनकी बेटी के विवाह का निमंत्रण पत्र डीएम और कमिश्नर बांटते हैं। श्रमिकों का घर बनाने का सपना हो अथवा बीमारी में इलाज की जरूरत, बेटे-बेटियों की पढ़ाई का खर्चा हो या फिर दुर्घटना के समय आर्थिक मदद की जरूरत, हर मौके पर सरकार आपके साथ है। संगठित हों या असंगठित क्षेत्र, हर श्रमिक पंजीयन जरूर कराएं श्रमिकों की सुरक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों का लाभ अधिकाधिक श्रमिकों को मिले, इसके लिए मुख्यमंत्री ने नए वेबपोर्टल www.upssb.in की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि दैनिक रूप से काम कर अपना जीविकोपार्जन करने वाले ठेला, खोमचा, रेहड़ी, खोखा आदि लगाने वाले पटरी दुकानदार हों, दिहाड़ी मजदूर हों, रिक्शा या ई-रिक्शा चालक, पल्लेदार हों अथवा नाविक, नाई, धोबी, मोची, हलवाई आदि जैसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिक हों अथवा औद्योगिक इकाइयों आदि में काम करने वाले संगठित क्षेत्र के मजदूर, अपना पंजीकरण जरूर कराएं। यह पंजीकरण राज्य सरकार को उनकी सुरक्षा के लिए प्रबन्ध करने में सहायक होगा। बीते साल कोरोना की पहली लहर की चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि 40 लाख प्रवासी श्रमिकों के जीवन और आजीविका को सुरक्षित रखने के हमारे प्रयास आज दुनिया के तमाम संस्थानों में अध्ययन का विषय हैं। सभी को भरण पोषण भत्ता दिया गया, राशन कार्ड हो या न हो, श्रमिक यूपी का हो या महामारी के कारण यूपी में रह रहा हो, हमने सबके भोजन की व्यवस्था की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा हर एक श्रमिक को चाहे वह संगठित क्षेत्र का हो या असंगठित क्षेत्र का हो, सामान्य कामगार हो या फिर कहीं एक्सप्रेस-वे पर काम कर रहा हो, उसे मात्र एक रजिस्ट्रेशन के द्वारा 5 लाख का वार्षिक बीमा कवर प्रदान करने का कार्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ किया जा रहा है। श्रमिकों से पूछा हाल-चाल, योजनाओं पर लिया फीडबैक वर्चुअल माध्यम से हमीरपुर के अतुल, वाराणसी के मिथिलेश, कानपुर के प्रवीण मिश्र, मेरठ के कुलदीप और झांसी के राशिद अली से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने पहले सभी के कामकाज, घर-परिवार का हाल-चाल लिया और फिर सभी से सरकारी योजनाओं के बारे में फीडबैक लिया। एक-एक कर सभी श्रमिकों ने बताया कि उन्हें बच्ची की शादी, पढ़ाई और मेडिकल जरूरतों के लिए सरकार से मदद मिली है, यही नहीं, मुफ्त राशन मिलने पर सबने सीएम का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों से कहा कि अपने सभी श्रमिक साथियों का पंजीयन जरूर कराएं। श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि लंबे समय तक उपेक्षा का शिकार रहे श्रमिकों के सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा का बीड़ा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उठाया है। कोरोना काल की पहली लहर के दौरान भी श्रमिकों के जीवन और जीविका की सुरक्षा सुनिश्चित की गई तो दूसरी लहर में भी सभी की जरूरतों का ध्यान रखा गया। हिन्दुस्थान समाचार/राजेश/सुनीत