राम मंदिर निर्माण के लिए उर्मिला ने 28 साल से नहीं ग्रहण किया अन्न, अब तोड़ेंगी उपवास
राम मंदिर निर्माण के लिए उर्मिला ने 28 साल से नहीं ग्रहण किया अन्न, अब तोड़ेंगी उपवास
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राम मंदिर निर्माण के लिए उर्मिला ने 28 साल से नहीं ग्रहण किया अन्न, अब तोड़ेंगी उपवास

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जबलपुर। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आगामी 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण के लिए पीएम नरेंद्र मोदी भूमि पूजन करने जा रहे हैं। इसको लेकर अयोध्या में तैयारियां तेज हैं। उर्मिला ने संकल्प लिया था कि जिस दिन सबकी सहमति से मन्दिर निर्माण शुरू होगा उस दिन वो अन्न ग्रहण करेंगी बता दें कि साल 1992 में जब ढांचा गिरा था, तब 53 साल उर्मिला चतुर्वेदी ने ढांचा गिरने के बाद जब देश मे दंगे हुए तो इससे आहत होकर ही उर्मिला ने संकल्प लिया था कि जिस दिन सबकी सहमति से मन्दिर निर्माण शुरू होगा उस दिन वो अन्न ग्रहण करेंगी। वर्ल्ड कप फाइनल के बाद मिताली राज ने संन्यास लेने का फैसला जानें क्यूं टाला? उर्मिला के घर में राम दरबार है जहां वह रोज़ बैठकर करती हैं राम नाम का जाप इन्होंने जो संकल्प लिया था वह अब पूरा होने जा रहा है। अन्न त्यागने के संकल्प को लेकर उनके परिजनों ने कई बार उनसे संकल्प खत्म करने की मिन्नत की, लेकिन उर्मिला टस से मस नहीं हुईं और तब से उन्होंने अन्न ग्रहण नहीं किया और केवल फलाहार कर रहीं हैं। उर्मिला के घर में राम दरबार हैं जहां वह रोज़ बैठकर राम नाम का जाप भी करती हैं। सुशांत केस : बिना वारंट रिया चक्रवर्ती को गिरफ्तार कर सकती है बिहार पुलिस अब जब 5 अगस्त को मन्दिर का भूमिपूजन होने जा रहा है, तो उर्मिला चतुर्वेदी की इच्छा है कि अयोध्या में रामलला के दर्शन करके ही वह अपना संकल्प खोलें। हालांकि ऐसा मुमकिन होता नहीं दिख रहा, क्योंकि 5 अगस्त को अयोध्या में किसी भी बाहरी का जाना मना है। ऐसे में परिवार का कहना है कि घर पर बैठकर कार्यक्रम का लाइव टेलीकास्ट देखने के बाद इनका संकल्प पूरा कराने की कोशिश की जाएगी। बाकी जीवन अयोध्या में बिताना चाहती हैं उर्मिला राम का नाम जपते हुए पिछले 28 सालों से बिना अन्न के जीवन बिता रही उर्मिला चतुर्वेदी का कहना है कि उनका बहुत मन था कि भूमि पूजन वाले दिन वह अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करें, लेकिन सबने कहा है कि ये मुमकिन नहीं है। क्योंकि वहां सिर्फ आमंत्रण मिलने पर ही जाया जा सकता है। उर्मिला चतुर्वेदी का कहना है कि उनका संकल्प तो पूरा हो ही गया। अब उनकी बस इतनी इच्छा है कि अयोध्या में थोड़ी सी जगह मिल जाए ताकि बाकी जीवन वह वहां बिता सकें। उर्मिला चतुर्वेदी को कंठस्थ हैं रामायण की चौपाइयां उर्मिला चतुर्वेदी ने जहां एक तरफ राम मंदिर निर्माण शुरू होने तक अन्न ग्रहण न करने का संकल्प लिया तो वहीं उनका ज्यादातर समय पूजा-पाठ और रामायण पढ़ने में बीतता है। पिछले कई सालों से उनकी दिनचर्या में कोई बदलाव नहीं आया है। उर्मिला चतुर्वेदी सुबह जल्दी उठ कर पूजा करने के बाद घर के बच्चों के साथ समय बिताती हैं और उसके बाद रामायण पढ़तीं हैं. वैसे तो उर्मिला अकेले दिनभर रामायण पढ़ती हैं लेकिन समय मिलने पर कई बार घर के अन्य सदस्य भी उनके साथ रामायण या गीता पढ़ते हैं.-www.newsganj.com