कोरोना कॉल में आजीविका चलाकर महिलाये दिखा रही है जीने की राह

कोरोना कॉल में आजीविका चलाकर महिलाये दिखा रही है जीने की राह
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होशंगाबाद : कोरोना कॉल में आजीविका चलाकर महिलाएं, दिखा रही है जीने की राह होशंगाबाद 07 मई (हि.स. ) कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते महिला स्व सहायता समूह की महिला सदस्यों ने सामाजिक सरोकार के प्रति अपने दायित्व को निभाने के साथ-साथ परिवार की आजीविका चलाने की जिम्मेदारी भी संभालने का बीड़ा उठाकर उन्हे जीने की राह दिखाई है जो थकहार चुके है। जिले के अनेक गांवो में महिलाओं ने फेस मास्क निर्माण कार्य की शुरुआत कर अपने इन दायित्वों को निभाना शुरू कर दिया है। फेस मास्क निर्माण कार्य हाथ में आ जाने से ग्रामीण महिलाएं रोजी-रोटी की चिंता से मुक्त हो गई हैं ओर लोगों को सुंदर, सस्ते, टिकाऊ और गुणवत्तायुक्त फेस मास्क मिलना शुरू हो गए है। होशंगाबाद जिले में ग्रामीण महिलाओं के परिवार की आजीविका चलाने के लिए राज्य सरकार ने महिला स्व सहायता समूह को फेस मास्क निर्माण का काम हाथ में दिया है। जिले की महिला स्व सहायता समूह ने मनरेगा श्रमिकों के लिए मास्क बनाने का काम शुरू भी कर दिया है। यह मास्क मनरेगा श्रमिकों को उपलब्ध कराएं जा रहे हैं ताकि वह कोरोना जैसी घातक महामारी से बचाव कर सकें। जिले के समस्त विकासखंडों के 46 ग्रामों में 156 समूह की महिला सदस्य मासिक निर्माण कार्य में जुटी हुई हैं। इनके द्वारा अभी तक 55 हजार से ज्यादा मास्क का निर्माण किया जा चुका है। जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेसविज्ञप्ति में बताया गया कि स्व सहायता समूह द्वारा बनाए जा रहे मास्क, शासन के निर्देशानुसार मनरेगा श्रमिकों को प्रदाय किए जाएंगे, जिससे जहां एक और मनरेगा श्रमिकों को कोरोना के संक्रमण से बचाव में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी ओर समूह की महिला सदस्यों को मास्क निर्माण से इस कोरोना काल मैं आर्थिक मदद भी प्राप्त होगी। जिसके सहारे उनके परिवार का भरण पोषण चलेगा। विदित हो कि गत वर्ष कोरोना काल में इन महिला स्व सहायता समूह ने दो लाख से अधिक फेस मास्क का निर्माण कर अपनी आजीविका चलाई थी। यह मास्क पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग समेत राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस विभाग एवं स्वयंसेवी संगठनों को बेचे गए थे। हिन्दुस्थान समाचार/आत्माराम यादव