जिन्ना के जिन्न को लेकर गिरिराज सिंह ने साधा निशाना तो सत्यपाल सिंह ने योजनाओं के फायदे का किया जिक्र

 जिन्ना के जिन्न को लेकर गिरिराज सिंह ने साधा निशाना तो सत्यपाल सिंह ने योजनाओं के फायदे का किया जिक्र
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नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी के बयान को लेकर देश में राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे जिन्ना की सोच से प्रेरित बताया तो वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बागपत से लोकसभा सांसद सत्यपाल सिंह ने दावा किया कि भाजपा सरकार की योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ मुसलमानों को ही मिल रहा है। जबकि दिल्ली से भाजपा लोकसभा सांसद प्रवेश वर्मा ने बयान देने वाले वाले को पाकिस्तान जाने की सलाह दे डाली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शायद दुनिया मे भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां हालात खराब होने की बात कहने के बावजूद लोग प्रधानमंत्री की आलोचना कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब इनके लिए हालात खराब है तब ये मठ मंदिरों में घुस कर मारने की तैयारी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ये वही लोग कह रहे हैं जिनके दिमाग मे जिन्ना का जिन्न बैठ गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बागपत से लोकसभा सांसद सत्यपाल सिंह ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयान को गलत, दुर्भाग्यपूर्ण और बहकाने वाला बयान बताते हुए तीखी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि भारत में अल्पसंख्यक समुदाय खासकर मुसलमानों को जितना अधिकार मिला हुआ है उतना बहुसंख्यक समुदाय के लोगों को भी नहीं है। सत्यपाल सिंह ने भाजपा की केन्द्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ मुसलमानों को मिलने का दावा करते हुए कहा कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र बागपत जिले में मुसलमानों की आबादी 23 प्रतिशत है लेकिन 48 प्रतिशत मुसलमानों ने योजनाओं का लाभ उठाया है। उन्होंने कहा कि साल दर साल अल्पसंख्यक मंत्रालय का बजट बढ़ता जा रहा है और इसका 90 प्रतिशत हिस्सा भी मुस्लिमों पर ही खर्च हो रहा है। आपको बता दें कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने यह बयान दिया था कि भारत का मुसलमान 1857 और 1947 से भी मुश्किल दौर से गुजर रहा है। --आईएएनएस एसटीपी/एएनएम

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