वेदांता देश के 10 शहरों में 1000 क्रिटिकल केयर बेड की करेगा व्यवस्था

वेदांता देश के 10 शहरों में 1000 क्रिटिकल केयर बेड की करेगा व्यवस्था
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- अनिल अग्रवाल ने सरकार के सहयोग के लिए की 150 करोड़ की घोषणा उदयपुर, 29 अप्रैल (हि.स.)। देश की खनिज, आयल और गैस की प्रमुख निर्माता कंपनी वेदांता के चैयरमेन अनिल अग्रवाल ने कोविड-19 की दूसरी लहर से राहत एवं बचाव के लिए देश में सहायता के लिए 150 करोड़ के योगदान की घोषणा की है। पिछले वर्ष वेदांता समूह द्वारा 201 करोड़ रुपयों का सहयोग किया गया था। भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा किए जा रहे पुरजोर प्रयासों के सहयोग में वेदांता देश के 10 शहरों में 1000 क्रिटिकल केयर बेड की व्यवस्था करेगा। ये बेड मान्यात प्राप्त और प्रतिष्ठित चिकित्सालयों के साथ मिलकर बढ़ाए जाएंगे। कोविड केयर के लिए स्थापित प्रत्येक जगह पर 100 बेड होंगे जोकि वातानुकूलित एवं बिजली की सुविधा से लैस होंगे। क्रिटिकल केयर में 90 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट एवं 10 बेड वेंटिलेटर सपोर्ट सुविधायुक्त होंगे। वेदांता के चैयरमेन अनिल अग्रवाल ने कहा कि वे कोविड -19 की दूसरी लहर के प्रभाव से चिंतित हैं। वेदांता समूह महामारी से लड़ने की प्रतिबद्धता के लिए 150 करोड़ रुपये के योगदान के साथ आगे आया है। इस घातक वायरस से प्रभावित लोगों के लिए अतिरिक्त बुनियादी व्यवस्थाओं को तुरंत स्थापित किया जाएगा जिससे बहुत राहत मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि वेदांता वीर डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए आवश्यक चिकित्सा उपकरण भी प्रदान करेगा। क्रिटिकल केयर बेड की अतिरिक्त क्षमता राजस्थान, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, गोवा, कर्नाटक और दिल्ली एनसीआर राज्यों में बनाई जाएगी। कंपनी द्वारा पहले चरण में 14 दिनों में प्राथमिक सुविधाओं और शेष सुविधाओं को 30 दिनों में प्रारंभ कर दिया जाएगा। वेदांता द्वारा प्रांरभ की गई ये सुविधाएं कम से कम 6 माह तक जारी रहेंगी। वेदांता स्थानीय स्तर पर सरकारी निकायों और प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि जरूरतमंदों को चिकित्सा सुविधा और देखभाल उपलब्ध कराई जा सके। कंपनी वर्तमान में अपने व्यावसायिक स्थानों पर कोविड के रोगियों के लिए लगभग 700 बेड का सहयोग कर रही है जिसे जल्द ही बढ़ाकर 1000 कर दिया जाएगा। इस बीच, हिंदुस्तान जिंक, ईएसएल और सेसा गोवा आयरन ओर बिजनेस ने वेदांता केयर पहल के तहत कोविड -19 रोगियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कदम बढ़ाया है। हिन्दुस्तान जिंक वर्तमान में प्रति दिन 5 टन ऑक्सीजन की (100 प्रतिशत लिक्विड ऑक्सीजन क्षमता) की आपूर्ति कर रहा है जो चिकित्सा उपचार के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है और इसे 2-3 टन बढ़ाने की प्रक्रिया जारी है। सेसा गोवा आयरन और बिजनेस गोवा राज्य सरकार और अस्पतालों को प्रतिदिन 3 टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहा है, जबकि वेदांता समूह की स्टील निर्माता कंपनी ईएसएल ने लिक्विड मेडिकल आक्सीजन के लिए बोकारो के पास अपना प्लांट पंजीकृत किया है जिससे 10 टन प्रतिदिन आक्सीजन की आपूर्ति की जा सकेगी। इसके अलावा स्टरलाइट कॉपर को अपने तूतीकोरिन संयंत्र से ऑक्सीजन की आपूर्ति करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिल गई है। स्टरलाइट कॉपर के ऑक्सीजन प्लांट में प्रतिदिन 1000 टन ऑक्सीजन का उत्पादन करने की क्षमता है। वेदांता अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए टीकाकरण के लिए टीके की उपलब्धता के लिए उत्पादकों से संपर्क में है। अब तक 5000 से अधिक कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों का टीकाकरण किया जा चुका है और आने वाले दिनों में पूरे वेदांता परिवार और व्यापारिक साझेदारों को इसमें शामिल कर लिया जाएगा। कंपनी ने राजस्थान, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक और उत्तरप्रदेश में डॉक्टर ऑन कॉल की सुविधा के साथ नंद घर समुदायों के लिए एक टेलीमेडिसिन कार्यक्रम शुरू किया है। सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए अपोलो हाॅस्पिटल के साथ एक अनवरत समर्पित हेल्पलाइन भी स्थापित की है। हिन्दुस्थान समाचार/सुनीता कौशल/संदीप