Indian Railwys : अगले तीन वर्षों में पटरी पर दौड़ने लगेंगी 44 वंदे भारत ट्रेनें
Indian Railwys : अगले तीन वर्षों में पटरी पर दौड़ने लगेंगी 44 वंदे भारत ट्रेनें
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Indian Railwys : अगले तीन वर्षों में पटरी पर दौड़ने लगेंगी 44 वंदे भारत ट्रेनें

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रेलवे ने मंगलवार को साफ किया है कि वर्ष 2022 तक प्रस्तावित 44 वंदे भारत ट्रेनों के संचालन कार्यक्रम में देरी नहीं होगी। उसने कहा कि अब इन ट्रेनों का निर्माण एक की बजाय तीन इकाइयों में किया जाएगा और अगले तीन वर्षो में इन्हें रेल नेटवर्क में शामिल कर लिया जाएगा। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वीके यादव ने बताया कि वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण अब रेलवे कोच फैक्ट्री कपूरथला, मॉडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली व इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई में किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘कुछ महीने पहले ट्रेनों का निर्माण तीन फैक्टि्रयों में करने का फैसला किया गया था। इससे ट्रेनों के निर्माण का समय घटकर एक तिहाई रह जाएगा। ये 44 वंदे भारत ट्रेनें अगले दो-तीन वर्षो में पटरी पर दौड़ने लगेंगी। एक बार निविदा को अंतिम रूप दे दिया जाए तो बाकी चीजों के लिए टाइमलाइन तय कर दी जाएगी।’ रेलवे फ्रेट कॉरिडोर की पटरियों पर दौड़ सकेगी प्राइवेट मालगाड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प के अनुरूप भारतीय रेलवे माल ढुलाई, पार्सल ट्रेन और अन्य गतिविधियों को तेजी से बढ़ाना शुरू कर दिया है। माल ढुलाई में रेलवे ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। यात्री ट्रेनों के साथ रेलवे अपने डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की पटरियों पर प्राइवेट मालगाडि़यों को चलाने की सुविधा देकर आमदनी बढ़ाएगा। लॉकडाउन खुलने पर औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ने के साथ ही रेलवे की माल ढुलाई को रफ्तार मिली है। भारतीय रेलवे ने अपनी आमदनी में बढ़ोतरी के लिए चालू वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान कोविड-19 की गंभीर चुनौतियों के बावजूद 50 फीसद अधिक ढुलाई का लक्ष्य निर्धारित किया है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा कि दिसंबर, 2021 तक रेलवे का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पूरी तरह तैयार हो जाएगा। यादव एक वर्चुअल प्रेसवार्ता में सवालों के जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इससे मालगाड़ियों की रफ्तार 100 किमी प्रति घंटा हो जाएगी, जिससे माल ढुलाई तेजी से हो सकेगी। नार्थ सेंट्रल जोन में फ्रेट कॉरिडोर पर मालगाड़ियां दौड़ रही हैं। जल्द ही 500 किमी का एक और सेक्शन चालू हो जाएगा। इसी क्रम में एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा, ‘फ्रेट कॉरिडोर सभी के लिए खुला रहेगा। इस दिशा में विचार विमर्श जारी है। आमदनी बढ़ाने के हर उपाय किए जाएंगे। इसमें सभी औद्योगिक और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को शामिल किया जा रहा है। रेलवे के साथ उनका अच्छा व पेशेवर संबध ही ढुलाई के कारोबार को और आगे बढ़ा सकता है।’-newsindialive.in