डर के कारण रेमडेसिविर और ऑक्सीजन के इस्तेमाल से फायदा कम नुकसान ज्यादा : डॉ. रणदीप गुलेरिया

डर के कारण रेमडेसिविर और ऑक्सीजन के इस्तेमाल से फायदा कम नुकसान ज्यादा : डॉ. रणदीप गुलेरिया
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नई दिल्ली, 26 अप्रैल(हि.स.) । एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि लोग डर के कारण ऑक्सीजन और रेमडेसिविर दवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे कोरोना के मरीजों को लाभ कम है, नुकसान ज्यादा है। डॉ. रणदीप गुलेरिया ने सोमवार को प्रेस वार्ता में बताया कि घबराहट के कारण लोग घरों में रेमडेसिविर जैसी दवाइयों को जमा करने लगे हैं। इसी तरह ऑक्सीजन की भी होर्डिंग की शुरू हो गई है। यह सब गलत है। लोगों को य़ह जानना बेहद जरुरी है कि रेमडेसिविर का ज्यादा लाभ नहीं है। डॉ. गुलेरिया ने बताया कि इस पर किए गए कई शोध व अध्ययन में भी यह पाया गया है कि कोरोना में एंटीवायरल दवा रेमडेसिविर कारगर नहीं है। इससे जान नहीं बचती। कोरोना संक्रमण के शुरुआत में ही इसे लेने से नुकसान ज्यादा है। उन्होंने कहा कि कोरोना के 85 प्रतिशत को मरीजों को माइल्ड लक्षण होते हैं। घरेलू तरीकों से ही ठीक हो सकते हैं। घर पर ही रह कर वे ठीक हो जाते हैं। 15 प्रतिशत लोगों को ही अस्पताल में जाने की जरुरत होती है। डॉ. गुलेरिया ने कहा कि ऑक्सीजन का भी न्यायसंगत इस्तेमाल हों। जिनका ऑक्सीजन सैचुरेशन प्वाइंट 94 से ज्यादा हो उन्हें, ऑक्सीजन की जरुरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कोरोना के मरीजों के इलाज में ऑक्सीजन महत्वपूर्ण है, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। जरूरी हो तो ही ऑक्सीजन का इस्तेमाल होना चाहिए। अस्पताल प्रबंधन को भी ऑक्सीजन के लीकेज बर्बादी को बंद करना जरूरी है। अस्पताल प्रबंधन सरकार द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए। लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो तो प्रोनिंग यानि पेट के बल पर लेटे और जोर से सांस लें। इससे भी काफी लाभ हो सकता है। वो भी हम कर सकते हैं। हिन्दुस्थान समाचार/ विजयालक्ष्मी