(अपडेट) एलपीजी सिलिंडर ब्लास्ट, एक ही परिवार के छह लोगों की

(अपडेट) एलपीजी सिलिंडर ब्लास्ट, एक ही परिवार के छह लोगों की
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नई दिल्ली, 29 अप्रैल (हि.स.)। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के कापसहेड़ा स्थित बिजवासन गांव में बुधवार देर रात एक दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। खेतों में बनी दो झुग्गियों में आग लगने के बाद उसमें रखे एलपीजी सिलिंडर ब्लास्ट हो गया। हादसे में दंपती और उनके चार बच्चों की मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त कमलेश सिंह (37), इसकी पत्नी पूनम उर्फ बिंदनी (35), बेटी अंजली (16) अराधना (12) बेटे सुरजीत उर्फ गोलू (8) और तीन माह के मासूम के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची। किसी तरह आग पर काबू पाकर झुग्गी से सभी के शव बुरी तरह जली हालत में निकाले गए। बाद में सभी को मोर्चरी भेज दिया गया है। कापसहेड़ा थाना पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन में जुटी है। हादसे के समय बराबर वाली झुग्गी में एक परिवार के पांच लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है। पुलिस उपायुक्त के मुताबिक हादसा देर रात करीब 12.28 बजे मातुराम का खेत, बिजवासन गांव में हुआ। यहां एक खेत पर तीन झुग्गियां बनी हुई थी। सभी सब्जी उगाने का काम करते थे। मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर का रहने वाला कमलेश का परिवार यहां करीब 13 सालों से रह रहा था। एक झुग्गी में कमलेश, दूसरी में देवी सिंह और तीसरी में नथनी महतो के परिवार रहते हैं। पिछले कुछ दिनों से देवी सिंह का परिवार अपने गांव गया हुआ था। देर रात को दो झुग्गियों में कमलेश और नथनी का परिवार अपनी-अपनी झुग्गियों में मौजूद था। देर रात करीब 12.28 बजे खेत के पास ही रहने वाली ज्योति और दयाशंकर ने देखा कि कमलेश की झुग्गी में आग लगी है। ज्योति व उसके भाई दीपक ने शोर मचाया, वहीं दयाशंकर भी बाकी लोगों को उठाने में जुट गया। इस बीच लोग उसकी झुग्गी की ओर भागे। शोर सुनकर नथनी के परिवार के पांच सदस्य तो किसी तरह बाहर निकल गए। लेकिन कमलेश और उसका परिवार अंदर फंस गया। इस बीच आग बढ़ गई। मामले की सूचना पुलिस और दमकल विभाग को दी गई। किसी तरह लोगों ने खेतों की ट्यूबवेल चलाकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन उसी दौरान कमलेश की झुग्गी में धमाका हो गया। इसके बाद आग ने दूसरी झुग्गी को भी अपनी चपेट में ले लिया। दूसरी झुग्गी में रखा सिलिंडर भी फट गया। कुछ देर बाद मौके पर पुलिस और दमकल की गाड़ियां पहुंची। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के बाद कमलेश की झुग्गी का दरवाजा तोड़ा। अंदर बुरी तरह झुलसी हुई हालत में कमलेश, उसकी पत्नी और चारों बच्चें के शव मिले। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। पुलिस ने लापरवाही, आग लगने और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस को घटना स्थल से दो सिलिंडर फटे हुए मिले हैं। कुछ देर तक झुग्गी से आई थी चिल्लाने की आवाजें, और फिर हो गई खामोश... बिजवासन की झुग्गी में एक ही परिवार के छह लोगों की मौत ने सभी को झकझोरकर रख दिया है। जिसने भी घटना स्थल देखा उसके होश उड़ गए। कमलेश के पड़ोस में रहने वाले दयाशंकर बताते हैं कि आग लगने के बाद अचानक कमलेश की झुग्गी से चिल्लाने की आवाजें आने लगी, लेकिन जैसे ही आग बढ़ी, कुछ ही देर बाद चिल्लाने की आवाजें आना बंद हो गई। इसके बाद जब दमकल कर्मी मौके पर पहुंची और उन्होंने झुग्गी का दरवाजा तोड़कर शवों को बाहर निकाला। अंदर का मंजर बेहद भयावह था। कमलेश का शव अलमारी के पास पड़ा था, जबकि बाकी सभी के शव सिलिंडर के पास पड़े थे। कुछ शवों के तो बस अवशेष ही बचे थे। पुलिस कमलेश के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी