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अपडेट-- नगर निगम चुनाव : महानगरों में भाजपा की बम बम, आप और एआईएमआईएम की दस्तक, कांग्रेस के शहर अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा

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अहमदाबाद, 23 फरवरी (हि.स.)। गुजरात नगर निगम चुनाव के परिणाम से इस बार कई रिकॉर्ड बने हैं। इन चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया है। जामनगर, राजकोट, वड़ोदरा, सूरत और भावनगर में नगर निगम चुनाव में भाजपा ने बहुमत हासिल किया है। जबकि अहमदाबाद नगर निगम में भाजपा जीत के काफी करीब है। इन चुनाव में कांग्रेस को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। लेकिन ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और आम आदमी पार्टी (आप) ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। चुनाव परिणाम पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा व केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रसन्नता जाहिर की और मतदाताओं के प्रति आभार जताया। मंगलवार को अहमदाबाद और सूरत सहित सभी छह नगर निगमों की 575 सीटों पर वोटों की गिनती आज सुबह से शुरू हुई थी। कोरोना महामारी के चलते इस बार मतगणना की व्यवस्था में बदलाव किया गया। पोस्टल सर्विस बैलेट पेपर की गिनती के लिए मतगणना केंद्र में अलग व्यवस्था की गई। अहमदाबाद नगर निगम के 24 वार्डों की मतगणना गुजरात कॉलेज और अन्य 24 वार्डों की मतगणना एलडी इंजीनियरिंग कालेज में हुई। अहमदाबाद नगर निगम चुनाव में ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने भी अच्छा प्रदर्शन कर सभी को चौंका दिया है। एआईएमआईएम ने अहमदाबाद के जमालपुर के पूरे पैनल यानी चार सीटों पर जीत दर्ज की है। जमालपुर वार्ड को कांग्रेस का गढ़ माना जाता था। इसके अलावा मुक्तापुरा वार्ड में भी एआईएमआईएम पार्टी तीन सीटों पर आगे चल रही है। अब तक के नतीजों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी ने 192 में से 165 सीटों पर आगे चल रही है। इससे भाजपा के महापौर बनने का रास्ता साफ हो गया है। कांग्रेस को इस बार भी निराशा ही हाथ लगी है। उल्लेखनीय है कि अहमदाबाद नगर निगम में 48 वार्ड हैं। अब तक 47 वार्डों के परिणाम आए हैं। भाजपा यहां 165 सीटों पर आगे चल रही है। इसलिए कांग्रेस को अब तक 15 सीटें मिली हैं। भाजपा ने तोड़ा अपनी जीत का रिकॉर्ड राज्य के 6 नगर निगमों में भाजपा ने अपना परचम फहरा दिया है। भाजपा ने 6 नगर निगमों की 576 सीटों में से 401 सीट जीत कर पिछले चुनाव का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 2015 के चुनावों में भाजपा ने 389 सीटें जीतीं थी। इन चुनाव में अहमदाबाद में भाजपा 192 सीटों में से 165 सीटें जीतीं और कांग्रेस 16 सीटों पर आगे चल रही है। सूरत में भाजपा ने 120 में से 93 सीटें जीतीं और 27 सीटों पर आप ने कब्जा जमाया। राजकोट में भाजपा ने 72 में से 68 और कांग्रेस 4 सीटों पर आगे चल रही है। वडोदरा में भाजपा ने अब तक 61 सीटें जीती हैं। जामनगर में भाजपा 64 में से 50 सीटों पर, 11 सीटों पर कांग्रेस और 3 सीटों पर मायावती की पार्टी बसपा आगे चल रही है। भावनगर में, भाजपा 52 में से 40 और कांग्रेस 8 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस के पांच शहर अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा इन चुनाव में कांग्रेस को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। कांग्रेस की करारी हार के बाद अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, वडोदरा और भावनगर के कांग्रेस शहर अध्यक्षों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। कांग्रेस ने इस बार अहमदाबाद में पिछले चुनाव की तुलना में बहुत कम सीटें जीती हैं। कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व नेता प्रतिपक्ष दिनेश शर्मा हार गए हैं। कांग्रेस की करारी हार के बाद अहमदाबाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष शशिकांत पटेल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वडोदरा शहर अध्यक्ष प्रशांत पटेल ने भी पद से इस्तीफा दे दिया है। नड्डा और शाह ने जताया मतदाताओं का आभार चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि गुजरात की सभी छह नगर निगम चुनाव में भाजपा को अपार बहुमत मिला है। मैं इस जीत के लिए सभी नगर निगम के मतदाताओं, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देता हूं। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आज गुजरात में नगर निगम चुनाव के नतीजे नतीजे दिखाते हैं कि गुजरात भारतीय जनता पार्टी का गढ़ के रूप में खुद को प्रस्थापित करता है। भाजपा ने 85 फीसदी सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बुरी तरह इन चुनाव में हारी है। पूरे गुजरात में कांग्रेस को सिर्फ 44 सीटें मिली हैं। हिन्दुस्थान समाचार/हर्ष/पारस