अपडेट..... नारद स्टिंग मामले में गिरफ्तार तृणमूल नेताओं समेत पांच के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

अपडेट..... नारद स्टिंग मामले में  गिरफ्तार तृणमूल  नेताओं समेत पांच के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
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कोलकाता, 17 मई (हि.स.)। नारद न्यूज़ पोर्टल के प्रमुख मैथ्यु सैमुअल द्वारा किये गए स्टिंग ऑपरेशन मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ममता कैबिनेट के दो मंत्रियों सहित चार बड़े नेताओं की गिरफ्तारी के बाद इनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर दिया है। मंत्री फिरहाद हकीम, सुब्रत मुखर्जी, मदन मित्रा और शोभन चटर्जी के अलावा स्टिंग ऑपरेशन मामले में फंसे सस्पेंडेड आईपीएस एसएमएच मिर्जा को भी आरोपित बनाया गया है। सीबीआई के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरके गौड़ ने इस बारे में "हिन्दुस्थान समाचार" को बताया कि चार्जशीट में इन पांचों के खिलाफ आरोप तय किये गये हैं। परिवहन मंत्री फिरहाद हकीम, पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी, पूर्व मंत्री मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व मेयर तथा एक समय ममता के बेहद करीबी रहे शोभन चटर्जी को सीबीआई ने सोमवार सुबह दस बजे से पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। सुबह 10:45 बजे ममता बनर्जी सीबीआई के उस निजाम पैलेस स्थित दफ्तर में जा पहुंची जहां 15वें तल पर इन चारों नेताओं को अलग-अलग कमरे में रखा गया है। ममता इन नेताओं को छोड़ने अथवा अपनी गिरफ्तारी देने पर अड़ी हुई हैं। इधर सीबीआई की लीगल टीम ने बैंकशाल कोर्ट में नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में चार्जशीट पेश की है जिसमें इन चारों गिरफ्तार नेताओं के खिलाफ आरोप तय किये गये हैं। 2017 में सीबीआई ने दर्ज की थी प्राथमिकी - आरके गौड़ ने बताया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर 16 अप्रैल 2017 को सीबीआई ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की थी। एसएमएच मिर्जा को पहले ही गिरफ्तार किया गया था जो फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। गिरफ्तार किए गए उक्त चार नेताओं के साथ-साथ मिर्जा को भी चार्जशीट में नामजद किया गया है। उल्लेखनीय है कि 2014 में नारद न्यूज़ पोर्टल के सीईओ मैथ्यू सैमुअल ने स्टिंग ऑपरेशन किया था। फर्जी कंपनी के सीईओ बनकर वह तृणमूल कांग्रेस के नेताओं से मिले थे और अवैध कारोबार को फैलाने के एवज में पांच-पांच लाख की पेशकश की थी। तृणमूल कांग्रेस के तत्कालीन सांसद और विधायकों समेत 12 नेता इस स्टिंग ऑपरेशन में फंस गए थे और आईपीएस एसएमएच मिर्जा भी घूस लेते हुए नजर आए थे। मिर्जा के पास मैथ्यू सैमुअल को मुकुल रॉय ने भेजा था। इसके साथ ही तत्कालीन तृणमूल नेता और वर्तमान में भाजपा विधायक शुभेन्दु अधिकारी भी मामले में आरोपित रहे हैं। इन दोनों के खिलाफ किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं किये जाने को लेकर तृणमूल कांग्रेस लगातार सवाल खड़े कर रही है। हिन्दुस्थान समाचार / ओम प्रकाश/मधुप