(अपडेट) कोरोना जंग में सामाजिक स्तर पर किए प्रयासों की भूमिका सराहनीय, मरीजों को इलाज के साथ मिल रही है बेहतर सुविधाएं
(अपडेट) कोरोना जंग में सामाजिक स्तर पर किए प्रयासों की भूमिका सराहनीय, मरीजों को इलाज के साथ मिल रही है बेहतर सुविधाएं
देश

(अपडेट) कोरोना जंग में सामाजिक स्तर पर किए प्रयासों की भूमिका सराहनीय, मरीजों को इलाज के साथ मिल रही है बेहतर सुविधाएं

news

नई दिल्ली, 17 जुलाई (हि.स.)। कोरोना महामारी से आज पूरी दुनिया जूझ रही है। कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं। कोरोना मरीज को सबसे अधिक जरूरत ऑक्सीजन की होती है, क्योंकि कोरोना वायरस सबसे अधिक श्वसन तंत्र को ही प्रभावित करता है। देश में सरकारी स्तर पर किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। इसके मद्देनजर समाजसेवी संगठन और विभिन्न आर.डब्ल्यू.ए. ने कोरोना मरीजों को आरंभिक दौर में कुछ राहत देने के उद्देश्य से निजी स्तर पर प्रयास शुरू किए हैं। दिल्ली के पश्चिम विहार जी-17 आर.डब्ल्यू.ए. फेडरेशन के अध्यक्ष लोकेश मुंजाल ने अपने साथियों के सहयोग से कोरोना मरीजों के लिए निःशुल्क ऑकसीजन कन्संट्रेटर मशीन और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलबध कराना शुरू किया। लोकेश मुंजाल के अनुसार इस कार्य को शुरू किए एक महीने से अधिक हो चुका है। अब तक जी-17 फेडरेशन अपने क्षेत्र के लगभग 74 कोरोना संक्रमित लोगों को ऑक्सीजन कन्संट्रेटर मशीन और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करा चुका है। यह सुविधा अभी जारी है। पश्चिम विहार जी-17 आर.डब्ल्यू.ए. फेडरेशन से प्रेरणा लेते हुए रोहिणी सेक्टर-9 की न्यू सरस्वती सोसायटी आर.डब्ल्यू.ए. ने भी अपनी सोसायटी में कोविड केयर सेंटर शुरू किया। यहां सोसायटी के कोरोना संक्रमित या लक्ष्ण होने वाले जरूरतमंद को डॉक्टर की सलाह पर बेड की सुविधा दी गई है। इस सेंटर की जिम्मेदारी संभाल रहे आर.डब्ल्यू.ए. अध्यक्ष सचिन शर्मा ने बताया कि केयर सेंटर पर डॉक्टर, नर्स, दवाइयां, खाना तथा ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ सभी जरूरी इंतजाम हैं। आपातकाल में एंबुलेंस की सुविधा भी है। सचिन शर्मा ने बताया कि न्यू सरस्वती सोसायटी में अब तक चार कोरोना संक्रमित मरीजों को दाखिल किया गया, जिसमें तीन स्वस्थ्य हो चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति अभी हमारे सेंटर में दाखिल है। न्यू सरस्वती सोसायटी की यह सुविधा अन्य जरूरतमंदों के लिए जारी रहेगी। इसी प्रकार रोहिणी के अंतरिक्ष अपार्टमेंट तथा सेक्टर-14 के मिलनसार अपार्टमेंट में भी आयसोलेशन सेंटर की शुरुआत की गई है। यहां भी जरूतमंद लोगों को निःशुल्क सेवाएं दी जा रही हैं। बवाना की श्री सुखमणि सोसायटी ने भी कोरोना मरीजों के लिए आवश्यकता पड़ने पर ऑक्सीमीटर के साथ निःशुल्क ऑक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम किया है। सोसायटी के सरदार तेजेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली में बवाना, नरेला, कोंडली के अलावा सोनीपत तक के क्षेत्रों में आठ स्थान निश्चित किए हैं, जहां से मरीज के परिजन निःशुल्क सिलेंडर और ऑक्सीमीटर साथ ले सकते हैं। लोकेश मुंजाल ने बताया कि इन दिनों सरकारी हॉस्पिटलों में कोरोना मरीजों को जगह नहीं मिल रही है, वहीं प्राइवेट हॉस्पिटल वाले कोरोना के नाम पर 10 से 15 हजार रुपये प्रतिदिन का खर्च लेते हैं, जो एक सामान्य आदमी की पहुंच से दूर है। जी-17 आर.डब्ल्यू.ए. फेडरेशन ने घर-घर ऑकसीजन पहुंचाने की पहल की जिसकी मुख्यमंत्री केजरीवाल, स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन समेत कई लोगों ने प्रशंसा की। सचिन शर्मा का मानना है कि प्राइवेट हॉस्पिटलों के खर्च बहुत ज्यादा हैं, तो सरकारी हॉस्पिटलों में बरती जाने वाली लापरवाही से लोगों में खौफ है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए ड़ॉक्टर की सलाह से घर में ही ऑक्सीजन का इंजाम करके इलाज करवाना बेहतर समझते हैं। हिन्दुस्थान समाचार / राजेश-hindusthansamachar.in