उप्र : खाली पड़ी फैक्ट्री से बाघिन को निकाला गया

 उप्र : खाली पड़ी फैक्ट्री से बाघिन को निकाला गया
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बरेली, 20 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के बरेली में स्थित एक रबड़ की फैक्ट्री से चार साल की एक बाघिन को बचा लिया गया है। बाघिन 16 जून की सुबह सिंथेटिक एंड केमिकल लिमिटेड की इस खाली पड़ी फैक्ट्री में नजर आई थी। 1,200 एकड़ के परिसर के फैले इस कारखाने के अंदर एक कैमरा ट्रैप इंस्टॉल किया गया था। इसके दो दिन बाद उसे एक टैंक से निकाला गया। करीब 22 साल से बंद पड़ी इस फैक्ट्री में अब घने जंगल जैसा माहौल है। सूत्रों के मुताबिक, बाघिन इसी साल मार्च में फैक्ट्री परिसर में आई थी। संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) भरत लाल ने कहा, यह टैंक उसका ठिकाना था। लेकिन जब कैमरा ट्रैप की तस्वीरें सामने आईं, तो हमें ऐसे चार टैंक देअब हमें समझ नहीं आ रहा था कि परिसर में मौजदू इन चार टैंक में से वह किसमें छुपी हुई है। आखिरकार जब हम उस टैंक को ढूंढ लेने में कामयाब हुए, तो हमें उसे वहां से निकाला और पीलीभीत में बचाव दल को सूचित किया। वन अधिकारियों ने बताया कि बाघिन लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर वन्यजीव अभ्यारण्य से लाई गई थी। बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने वाले दक्ष गंगवार ने कहा, वह छोटी है। उसने दूसरे इलाके की तलाश में शायद वहां पर घूमना—फिरना शुरू कर दिया था। यह माना जा रहा है कि वह पीलीभीत के हरिपुर रेंज में गई होगी, फिर बरही और महोफ रेंज को पार कर खेत के रास्ते बरेली पहुंचने से पहले उसने देहा नदी को पार किया होगा। उसने सीख लिया था कि इंसानों के साथ कैसे तालमेल बिठाया जाए। जब तक उसने रबड़ की फैक्ट्री में रहना शुरू नहीं किया होगा, तब तक किसी के द्वारा उसे देखे जाने की सूचना नहीं मिली थी। बाघिन को अब उसी जंगल में छोड़ा जाएगा, जहा से वह आई थी। --आईएएनएस एएसएन

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