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उप्र : पीएनजी गैस को जीएसटी के दायरे में लाने और नियामक बनाने की उद्यमियों की मांग

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-आईआईएमएफए ने ज्ञापन भेजकर केंद्रीय वित्त मंत्री से लगाई गुहार -पीएनजी गैस के मूल्यों में असमानता से फोर्जिंग इंडस्ट्री नहीं कर पा रही अन्य राज्यों से मुकाबला गाजियाबाद, 27 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे प्रमुख औद्योगिक नगर, गाजियाबाद से फोर्जिंग उद्यमी पीएनजी गैस के दाम में असमानता से बेहद परेशान हैं। देश के अन्य शहरों की अपेक्षा गाजियाबाद में पीएनजी गैस की कीमतों में असमानता होने के कारण उनके उत्पाद की लागत ज्यादा आ रही है जिस कारण अब वे अपना उत्पाद न केवल देश बल्कि विदेश में भी निर्यात करने में कठिनाई का सामना कर रहे हैं। पीएनजी गैस के दामों में असमानता से परेशान फोर्जिंग उद्यमियों ने बुधवार को अपना पक्ष मीडिया के समक्ष रखा। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ज्ञापन भेजकर पीएनजी गैस को जीएसटी के दायरे में लाने और नियामक आयोग का गठन करने की मांग की है। आल इंडिया मेटल फोर्जिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश अग्रवाल ने आज आरडीसी में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में कहा कि गाजियाबाद में फोर्जिंग इंडस्ट्री देश की सबसे बड़ी है। यहां फोर्जिंग की कुल 45 इंडस्ट्री हैं। ज़्यादातर इंडस्ट्री पीएनजी गैस का ईंधन के रूप में इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने बताया कि गाजियाबाद में आईजीएल कंपनी द्वारा आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आईजीएल कंपनी द्वारा गाजियाबाद में पीएनजी की सप्लाई के मूल्य में अन्य राज्यों के जिले की अपेक्षा भेदभाव किया जा रहा है। गाजियाबाद में कंपनी गैस की सप्लाई 30.03 व 10 प्रतिशत वैट के साथ आपूर्ति कर रही है जबकि पंजाब के मंडी गोविंद गढ़ में आईईएम कंपनी 23.81 रुपये तथा 3.3 प्रतिशत वैट के साथ आपूर्ति कर रही है। उत्तर प्रदेश के आगरा और फिरोजाबाद में गाजियाबाद की अपेक्षा आधी कीमत पर आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने सवाल किया कि मूल्य और वैट के भेदभाव के साथ उद्योग प्रतिस्पर्धी उत्पाद बनाकर कैसे काम कर सकते हैं। बृजेश अग्रवाल ने बताया कि हमने इसको लेकर नेचुरल गैस कमीशन दिल्ली से बात की तो वहां बताया गया कि पीएनजी के मूल्य उनके कार्यक्षेत्र से बाहर हैं। उन्होंने मांग की कि फोर्जिंग इंडस्ट्री के लिए गैस को जीएसटी के दायरे में लाया जाना चाहिए। साथ ही मूल्य एक समान करने से लिए नियामक आयोग का गठन भी किया जाना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसोसिएशन के वित्त सचिव आदित्य डंग ने बताया कि आईजीएल कंपनी गाजियाबाद में अपनी शर्तों पर गैस सप्लाई कर रही है। उन्होंने बताया कि नया गैस कनेक्शन लेने पर अनुबंध के मूल्य के बराबर एक महीने की बैंक की गारंटी मांगी जाती है। साथ ही अनुबंध के मूल्य की 15 दिन के बराबर की राशि और अग्रिम भुगतान में दी जाती है। आईजीएल द्वारा हर महीने के प्रथम व 16वें दिन कीमतों में संशोधन किया जाता है। कम्पनी को कीमतों के संशोधन को उसी दिन सूचित करना चाहिए। ताकि उद्यमी योजना बना सकें। हिन्दुस्थान समाचार/फरमान अली/रामानुज-hindusthansamachar.in