ग्वालियर के दौरे पर पहुंचा यूनेस्को का दल

 ग्वालियर के दौरे पर पहुंचा यूनेस्को का दल
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ग्वालियर, 29 जुलाई (आईएएनएस)। यूनेस्को की हिस्टोरिक अर्बन लैण्डस्केप परियोजना में चयनित मध्य प्रदेश की ग्वालियर के तहत यहां की सांस्कृतिक एवं हैरीटेज विरासत को संरक्षित करते के लिए ग्वालियर शहर का समावेशी एवं सुनियोजित विकास किया जाएगा। इस सिलसिले में यूनेस्को का चार सदस्यीय सलाहकार दल यहां के दौरे पर आया है। ज्ञात हो कि यूनेस्को ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर और ओरछा का चयन हिस्टोरिक अर्बन लैण्डस्केप परियोजना (ऐतिहासिक नगरी परिदृश्य पद्धति) लागू करने के लिये किया है। भारत के अजमेर एवं वाराणसी सहित दक्षिण एशिया के कुल आठ शहरों में यूनेस्को द्वारा इस योजना पर काम किया जा रहा है। इस योजना के जरिए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक विकास के साथ-साथ ग्वालियर के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन के विकास के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अतिरिक्त अवसर भी मिलेंगे। पर्यावरण एवं सामुदायिक विकास पर भी विशेष जोर रहेगा। यूनेस्को के दल के साथ हुई बैठक में कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि यूनेस्को के दल को जल्द से जल्द विभागीय डाटा (सांख्यिकीय आंकड़े) मुहैया कराएँ। उन्होंने हिस्टोरिक अर्बन लैण्डस्केप परियोजना को जल्द से जल्द जमीनी स्तर पर लाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि छह चरणों में यह योजना मूर्तरूप लेगी। यूनेस्को की सलाहकार संस्था धरातल के फाउण्डर आर्किटेक्ट निशांत उपाध्याय ने बैठक में जानकारी दी कि ग्वालियर शहर की ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संपदा, सामाजिक, आर्थिक, प्राकृतिक व पर्यावरणीय विशेषताओं को संरक्षित करते हुए हिस्टोरिक अर्बन लैण्डस्केप परियोजना को मूर्तरूप दिया जाएगा। साथ ही ग्वालियर की समृद्ध सांगीतिक विरासत पर विशेष फोकस रहेगा। उन्होंने बताया कि यूनेस्को के सर्वे दल ने ग्वालियर के ऐतिहासिक स्मारक व हैरीटेज इमारतों का सर्वेक्षण किया है। साथ ही ग्वालियर की पाककला सहित संगीत व ललित कलाओं से संबंधित विशेषतायें भी देखी हैं। इसी आधार पर योजना के तहत किए जाने वाले कार्यों को अंतिम रूप दिया जाएगा। नगर निगम आयुक्त शिवम वर्मा ने कहा कि नगर निगम से इस परियोजना को मूर्तरूप देने में पूर्ण सहयोग मिलेगा। इस योजना के लागू होने से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ग्वालियर की पहचान स्थापित होगी। साथ ही विकास के लिए वैश्विक मदद प्राप्त करने का अधिकार भी शहर को मिलेगा। --आईएएनएस एसएनपी/आरजेएस

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