The campaign to connect the entire country with Indian culture is 'Nidhi Surrender Campaign': Krishnagopal
The campaign to connect the entire country with Indian culture is 'Nidhi Surrender Campaign': Krishnagopal
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सम्पूर्ण देश को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का अभियान है 'निधि समर्पण अभियान' : कृष्णगोपाल

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- दिल्ली में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय का शुभारंभ नई दिल्ली, 14 जनवरी (हि.स.)। जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरी ने दक्षिणी दिल्ली के कैलाश कॉलोनी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कैंप कार्यालय का गुरुवार को शुभारंभ किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल और विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के केंद्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार के साथ अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. कृष्णगोपाल ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए चलाया जा रहा निधि समर्पण अभियान मात्र एक मंदिर नहीं अपितु हिन्दू समाज के पिछले एक हजार वर्षों के तिरस्कार, उपेक्षा और गुलामी का परिमार्जन कर सम्पूर्ण देश को भारतीय संस्कृति एवं स्वाभिमान से जोड़ने का अभियान है। देश के 110 करोड़ हिंदुओं को लगाना चाहिए कि यह उनका मंदिर है। इसके लिए उन सभी का मंदिर निर्माण में समर्पण आवश्यक है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है कि इस पुण्य रामकाज से कोई वंचित ना रहने पाए। उल्लेखनीय है कि निधि समर्पण अभियान 15 जनवरी से शुरू होकर 27 फरवरी (माघ पूर्णिमा) तक चलेगा। विहिप कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि जबसे हमने इस अभियान की योजना-रचना की, हिन्दू समाज और कार्यकर्ताओं के उत्साह के कारण हमारा लक्ष्य दिन-ब-दिन बढ़ता चला जा रहा है। अब हम देश के 5.25 लाख गावों और शहरों के 13 करोड़ परिवारों के लगभग 65 करोड़ लोगों को इस अभियान से जोड़ेंगे। एक ओर जहां अभियान के प्रथम दिन, देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति से हम शुभकामनाएं लेंगे वहीं, दूसरी ओर इसी दिन अवधेशानन्द गिरी जी महाराज स्वयं बाबा साहेब अंबेडकर की दीक्षा भूमि नागपुर में वंचित समाज के समक्ष जाकर राम मंदिर के लिए भिक्षा मांगेंगे। इसी दिन दीदी माँ ऋतंभरा भी मुंबई में अनुसूचित जाति के समाज के बंधु-भगिनियों को इस अभियान से स्वयं जोड़कर सामाजिक समरसता का एक और स्तम्भ खड़ा करेंगी। स्वामी अवधेशानन्द गिरी ने कहा कि हम उस समाज के प्रतिनिधि हैं जिसके पूज्य संतों ने अपनी हड्डियों तक को दान कर दिया। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ, देवराजा बाबा तथा स्वर्गीय अशोक सिंहल सहित जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन के योद्धाओं का स्मरण करते उन्होंने कहा कि हम परमार्थशाली संस्कृति के वाहक हैं जिसमें अर्पण, तर्पण और समर्पण की बड़ी महत्ता है। गिलहरी की भांति सम्पूर्ण हिन्दू समाज को इस राष्ट्र मंदिर से जोड़ना हम सबकी जिम्मेदारी है। हालांकि दिल्ली प्रांत में निधि समर्पण अभियान का प्रारंभ आगामी 1 फरवरी से होगा किन्तु मकर संक्रांति पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के दक्षिणी दिल्ली स्थित इस कैंप कार्यालय के उद्घाटन अवसर पर हुए इस विशिष्ट कार्यक्रम में आज लगभग दो दर्जन प्रमुख लोगों ने अपना समर्पण स्वामीजी के समक्ष किया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध उद्योगपति पुनीत डालमिया, सुभाष गोयल, नंदकिशोर अग्रवाल, राजू बिस्ट, जयप्रकाश अग्रवाल, लक्ष्मी गोयल, एसके जिंदल, जितेंद्र, मनोज गर्ग, हेमंत जैन, निर्मल मिंडा के अतिरिक्त सांसद गौतम गंभीर और प्रवेश वर्मा ने निधि समर्पण अभियान में अपना समर्पण किया। हिन्दुस्थान समाचार/पवन-hindusthansamachar.in