Food Rationing System 24 राज्यों में हुआ डिजिटाइज्ड, 65 करोड़ लोगों को होगा लाभ: पासवान
Food Rationing System 24 राज्यों में हुआ डिजिटाइज्ड, 65 करोड़ लोगों को होगा लाभ: पासवान
देश

Food Rationing System 24 राज्यों में हुआ डिजिटाइज्ड, 65 करोड़ लोगों को होगा लाभ: पासवान

news

केंद्रीय खाद्य मंत्री राम विलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने शनिवार को बताया कि देश के 24 राज्यों में Food-Rationing System डिजिटाइज्ड कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस सुविधा से लाभार्थी अब इनमें से किसी भी राज्य में रियायती खाद्य सामग्रियां हासिल कर सकते हैं. इस कदम से प्रवासी मजदूरों को खास तौर पर मदद मिलेगी. ‘किसी भी राज्य से ले सकते हैं राशन’ पासवान ने कहा, “राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ सिस्टम से फिलहाल 80 फीसदी राशन कार्ड होल्डर्स जुड़ गए हैं. अब 65 करोड़ से ज्यादा लाभार्थी देश में कहीं भी किसी भी फेयर प्राइस शॉप से अपने लिए तय खाद्य सामग्री हासिल कर सकते हैं.” पासवान ने कहा, “अगर किसी लाभार्थी के परिवार का एक सदस्य रांची से है और वो चेन्नई में काम करता है तो वो भी अपने हिस्से का तय रियायती खाद्य सामग्री हासिल कर सकता है. अब Per Head Basis के आधार पर राशन दिया जा रहा है.” खाद्य मंत्री ने कहा कि 31 मार्च 2021 तक देश के सभी राज्यों को ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना से जोड़ दिया जाएगा. साथ ही राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आने वाले सभी 81 करोड़ लाभार्थियों को इसका लाभ मिल सकेगा. 1 जून से लागू ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ मालूम हो कि कोरोना संकट के बीच एक जून को देश में ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ को लागू किया गया था. इसकी शुरुआत 20 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से हुई थी. इस योजना के तहत देश के गरीबों को किफायती कीमत पर राशन दिया जाता है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर राहत पैकेज की घोषणा के दौरान इसका जिक्र किया था. यह लागू होने के बाद राशन कार्ड का फायदा देश के किसी कोने में उठाया जा सकता है. बता दें कि शनिवार यानी 1 अगस्त को देश के चार ने राज्य/केंद्र शासित प्रदेश ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ स्कीम से जुड़े. ये प्रदेश हैं जम्मू कश्मीर, मणिपुर, नागालैंड और उत्तराखंड.-newsindialive.in