कोरोना में माता-पिता को खो चुके बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करे राज्य सरकारेंः सुप्रीम कोर्ट

कोरोना में माता-पिता को खो चुके बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित करे राज्य सरकारेंः सुप्रीम कोर्ट
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- बच्चों की पढ़ाई उसी स्कूल में जारी रहे, जिसमें वे पढ़ रहे थे नई दिल्ली, 08 जून (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे यह सुनिश्चित करें कि ऐसे बच्चे जिन्होंने कोरोना महामारी की वजह से अपने माता-पिता या दोनों में किसी एक को खोया है, उनकी पढ़ाई उस स्कूल में जारी रहे, जिस स्कूल में वे पढ़ रहे थे। जस्टिस एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली बेंच ने मंगलवार को यह आदेश दिये। सुप्रीम कोर्ट ने जिलों के डिस्ट्रिक चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट को निर्देश दिया है कि ऐसे बच्चों को भोजन, दवा, कपड़े, राशन आदि का बंदोबस्त सुनिश्चित करे। सुप्रीम कोर्ट में दिए गए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के आंकड़े के मुताबिक 30,071 बच्चों ने कोरोना महामारी के काल में अपने माता-पिता में से दोनों को या इनमें से एक को खोया है। आयोग के मुताबिक इनमें 26,176 बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने दोनों में से एक को खोया है। पिछले 7 जून को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि कोरोना के चलते अनाथ हुए बच्चों को पीएम केयर्स फंड से आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया तय की जा रही है। इस बाबत राज्यों से विचार-विमर्श भी चल रहा है। कोर्ट ने राज्य सरकारों से भी पूछा था कि उनके यहां ऐसे बच्चों की सहायता की क्या योजना है। हिन्दुस्थान समाचार/संजय