श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामला: आगरा किले के दीवान-ए-खास में दबी हैं श्रीकृष्ण की मूर्तियां

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामला: आगरा किले के दीवान-ए-खास में दबी हैं श्रीकृष्ण की मूर्तियां
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मथुरा, 01 अप्रैल (हि.स.)। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले को लेकर कोर्ट में एक के बाद एक वाद दायर हो रहे हैं। गुरुवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन नेहा बनौदिया की अदालत में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह की ओर से एक और प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया। वादी ने अदालत से कहा कि आगरा किले के दीवान-ए-खास स्थित छोटी मस्जिद की सीढ़ियों में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमाएं दबी हैं। अधिवक्ता ने अदालत से मांग की है कि इन मूर्तियों को निकलवाया जाए। अदालत ने पक्ष सुनने के बाद अगली सुनवाई की तारीख 19 अप्रैल तय कर दी है। गुरुवार दोपहर इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान महेंद्र प्रताप ने अदालत में एक प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न तात्कालिक लेखकों और इतिहासकारों ने उल्लेख किया है कि मुगल शासक औरंगजेब ने ठाकुर केशवदेव मंदिर का विध्वंस कर उस स्थल पर मौजूद रत्नजड़ित प्रतिमाओं, मुख्य विग्रह भगवान श्रीकृष्ण और अन्य विग्रहों को मथुरा से आगरा ले जाकर वहां के किले में मौजूद दीवान-ए-खास की छोटी मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबा दिया है। समिति के अध्यक्ष ने इतिहास के इन तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि औरंगजेब ने वर्ष 1669 में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर बने ठाकुर केशवदेव मंदिर का विध्वंस कर सीढ़ियों के नीचे इस उद्देश्य से दबवाई थी कि सीढ़ियों पर चढ़ते समय उन्हें ठाकुर केशवदेव के मूल विग्रह के पैरों के नीचे दबने का एहसास हो। उन्होंने कहा कि आज भी ठाकुर केशवदेव और हिन्दू धर्म के लाखों करोड़ों अनुयायियों की भावनाएं आहत हो रही हैं। प्रार्थना-पत्र में मांग की गई है कि अदालत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग या फिर अन्य सक्षम अथॉरिटी के जरिए छोटी मस्जिद की सीढ़ियों में दबी प्रतिमाओं के विषय में वैज्ञानिक विधि से अन्वेषण कर प्रतिमाओं को वहां से बाहर निकलवाए। वहां से प्रतिमाएं श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर के किसी भाग में सुरक्षित रखवाई जाएं। समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता महेन्द्र प्रताप सिंह व अधिवक्ता राजेन्द्र माहेश्वरी ने बताया कि अग्रिम तारीख 19 अप्रैल को इसके साथ अन्य प्रार्थना-पत्रों पर सुनवाई होगी। उन्होंने बताया कि पहले भी शाही ईदगाह मस्जिद में यथास्थिति, अमीन कमीशन की रिपोर्ट, मस्जिद में रिसीवर नियुक्त करने और आर्किलोजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की रिपोर्ट की मांग अदालत से की है। बता दें कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष व अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने सिविल जज सीनियर डिवीजन नेहा बनौदिया की अदालत में एक वाद दायर कर रखा है। इसमें उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर से शाही मस्जिद ईदगाह हटाकर पूरी 13.37 एकड़ जमीन श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपने की मांग की है। हिन्दुस्थान समाचार/महेश

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