गोवा कांग्रेस अयोग्यता मामले की सुनवाई करेगी मुंबई हार्टकोर्ट की विशेष खंडपीठ

 गोवा कांग्रेस अयोग्यता मामले की सुनवाई करेगी मुंबई हार्टकोर्ट की विशेष खंडपीठ
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पणजी, 7 जून (आईएएनएस)। गोवा में मुंबई हाईकोर्ट की एक विशेष खंडपीठ अब गोवा विधानसभा अध्यक्ष राजेश पाटनेकर के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें कांग्रेस के 10 पूर्व विधायकों की अयोग्यता को खारिज कर दिया गया था। न्यायाधीश एम. एस. सोनाक की ओर से मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लेने के बाद विशेष खंडपीठ मामले पर सुनवाई करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश चोडनकर ने सोमवार को कहा, न्यायाधीश सोनक यह कहते हुए मामले से अलग हो गए कि वह पहले कुछ प्रतिवादियों के लिए पेश हुए थे। मामले को अब एक विशेष खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध करना होगा। मामला सोमवार को वर्चुअल सुनवाई में उठाया गया, जिसमें कांग्रेस पार्टी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पेश हुए, जबकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पाटनेकर की ओर से पेश हुए। इस साल 20 अप्रैल को गोवा विधानसभा के अध्यक्ष ने भाजपा के 12 मौजूदा विधायकों - कांग्रेस के दस पूर्व विधायकों और महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के दो पूर्व विधायकों के खिलाफ दायर दो अलग-अलग याचिकाओं को खारिज करते हुए दो आदेश पारित किए थे, जिसमें अवैध रूप से दूसरी पार्टी में शामिल होने के लिए नेताओं की अयोग्यता की मांग की गई थी। उच्च न्यायालय के समक्ष दायर याचिका में, जिसमें अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी गई है, चोडनकर ने कहा है कि कांग्रेस के 10 पूर्व विधायकों का विलय वैध नहीं है। याचिका में यह भी कहा गया है कि 10 जुलाई, 2019 को तत्कालीन कांग्रेस विधायकों द्वारा गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की एक बैठक में कांग्रेस की अलग हुई इकाई का भाजपा में विलय करने का प्रस्ताव कभी पारित नहीं किया गया था और यह प्रस्ताव कथित रूप से एक जाली दस्तावेज था। --आईएएनएस एकेके/आरजेएस