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किसान आंदोलन में दम तोड़ चुके किसानों की याद में अब चलेगा मिट्टी सत्याग्रह

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अलवर, 04 अप्रैल (हि.स.)। किसान आंदोलन के दौरान अब तक शहीद हुए किसानों की याद में अब मिट्टी सत्याग्रह चलाया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर की पहल पर देशभर से शाहजहांपुर-खेड़ा बॉर्डर पर मिट्टी सत्याग्रह के तहत किसान कलश में मिट्टी भेज रहे हैं। इस मिट्टी से दिवंगत किसानों की याद में शहीद स्मारक बनाया जाएगा। किसान संगठनों ने आंदोलन के दौरान दम तोड़ चुके किसानों के नाम पर स्मारक बनाने का फैसला किया है। शाहजहांपुर बॉर्डर पर हाई-वे के बीचों-बीच डिवाइडर पर स्मारक निर्माण कराने की तैयारी कर ली है। देश के विभिन्न हिस्सों से लाई गई मिट्टी का इस्तेमाल इसमें किया जाएगा। शाहजहांपुर-हरियाणा बॉर्डर पर अब तक हजारों स्थानों से एकत्रित की गई मिट्टी पहुंच चुकी है। एक-दो दिन बाद बॉर्डर पर हाई-वे के बीच डिवाइडर पर यह स्मारक बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। किसान नेताओं का कहना है कि अब तक देशभर में किसान आंदोलन के तहत 350 से ज्यादा किसान शहीद हुए हैं। इन किसानों की स्मृति में यह स्मारक बनाया जाएगा। अभी देशभर से लाई गई मिट्टी को एकत्रित करने का काम चल रहा है। शाहजहांपुर-हरियाणा बॉर्डर पर दो दिसंबर से किसानों का आंदोलन चल रहा है। शुरुआत में किसानों ने बॉर्डर के पास पड़ाव डाला था। यह पड़ाव 12 दिसंबर से नेशनल हाई-वे पर आ गया। इसके बाद से किसान लगातार नेशनल हाई-वे पर आंदोलनरत हैं। किसान नेताओं का कहना है कि देश में विभिन्न प्रकार की मिट्टी और जलवायु पाई जाती है, इसलिए देश में हर प्रकार की फसल की उपज होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जमीन पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कॉरपोरेट कंपनियों को कब्जा कराना चाहती हैं। केंद्र सरकार इन कंपनियों को देश की खाद्य-सुरक्षा पर कब्जा देकर मनमानी करना चाहती है। इसके विरोध में किसानों का चल रहा प्रदर्शन और किसानों की अब तक हुई शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट का कहना है कि किसान अहिंसात्मक तरीके से अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं। किसान नेताओं की शहादत के बाद सामाजिक कार्यकर्ता पाटकर की पहल पर मिट्टी सत्याग्रह शुरू किया गया है। उन्होंने बताया कि शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसान अहिंसात्मक तरीके से आंदोलनरत हैं। वे ऐसे किसी भी आंदोलन का हिस्सा नहीं है, जहां हिंसा होती हो या झूठ का सहारा लेकर खुद को सत्य और दूसरे को झूठा बताया जाता हो। हिन्दुस्थान समाचार/रोहित/संदीप