स्मॉग का स्वास्थ्य, आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा भारी असर (आईएएनएस विशेष)

 स्मॉग का स्वास्थ्य, आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा भारी असर (आईएएनएस विशेष)
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नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली-एनसीआर में मौसमी स्मॉग की घटना ने ना केवल इलाके के लोगों के स्वास्थ्य, बल्कि आर्थिक गतिविधियों पर भी असर डाला है। स्मॉग की यह घटना आमतौर पर सर्दियों के मौसम में पराली जलाने, वाहनों से होने वाले प्रदूषण और पटाखों से निकलने वाले धुएं के कारण होती है। इस अवधि के दौरान मौसम संबंधी गतिविधियों के कारण यह और बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने इस घटना को आर्थिक गतिविधियों का कम बाधा करार दिया है, जो पर्यटन, निर्माण, विमानन, बीमा और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों को प्रभावित करता है। स्काईमेट के चीफ एग्जिक्यूटिव योगेश पाटिल ने आईएएनएस को बताया, सबसे ज्यादा असर एनसीआर के लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। प्रदूषण से होने वाली बीमारी के कारण पिछले कुछ सालों में मृत्यु दर बढ़ी है। इससे होने वाला आर्थिक नुकसान सबसे ज्यादा होने का अनुमान है। इसके अलावा, मैं प्रदूषण के स्तर के बढ़ते मुद्दे के कारण वरिष्ठ प्रबंधन या यहां तक कि उच्च कुशल संसाधनों से एनसीआर से प्रतिभाओं की तेजी से कमी देख रहा हूं। एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की प्रमुख अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा के अनुसार, दिल्ली अपनी अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और उत्पादकता के लिए स्वास्थ्य प्रभाव और वायु प्रदूषण के कारण मानव पूंजी का भारी नुकसान उठा रही है। एक्यूइट रेटिंग्स एंड रिसर्च के मुख्य विश्लेषणात्मक अधिकारी सुमन चौधरी ने कहा कि इसके अलावा, इस घटना के कारण क्षेत्र के निवासियों की गतिशीलता प्रभावित होने लगती है। विशेष रूप से, ये क्षेत्र वर्तमान में एक लंबी महामारी के प्रभाव से उबर रहे हैं। उन्होंने कहा, स्थानीय पर्यटन उद्योग पर भी एक महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है, क्योंकि घरेलू और विदेशी यात्री भारी धुंध के इस समय के दौरान यात्राओं से बचते हैं। दूसरी ओर, स्मॉग एक घटना को ट्रिगर करता है, जिसे एस्केप पर्यटन के रूप में जाना जाता है। इक्सिगो के ग्रुप सीईओ और सह-संस्थापक आलोक बाजपेयी ने कहा, हम दिल्ली जैसे महानगरों में एस्केप टूरिज्म का चलन देख रहे हैं। जहां प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण पर्यटक ताजी हवा की तलाश में गोवा जैसे गंतव्यों की ओर आ रहे हैं। समुद्र तट गंतव्य इस दिवाली यात्रियों के बीच पसंदीदा स्थान हैं। इसके अतिरिक्त, यह घटना कंज्यूमर ड्यूरेबल्स उद्योग को वायु शोधन के लिए नए उत्पादों को नया करने के लिए प्रेरित करती है। अपनी ओर से, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स प्रमुख पैनासोनिक इंडिया, एयर कंडीशनर्स ग्रुप के बिजनेस हेड गौरव साह ने कहा, हम बिगड़ती वायु गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए इनडोर वायु गुणवत्ता में सुधार से संबंधित नवाचारों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। इस साल की शुरूआत में, हमने वायु शोधन तकनीकों के साथ एयर कंडीशनर पेश किए हैं। ये पूरे वर्ष इनडोर वायु गुणवत्ता में सुधार करते हैं। इसके अलावा, इनडोर पौधों की बिक्री जैसे कि स्नेक प्लांट अब इनडोर वायु आबादी को कम करने के लिए घटना के कारण काफी बढ़ जाती है। --आईएएनएस एचके/आरजेएस

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