असम विस सत्र का दूसरा दिनः राज्यपाल का अभिभाषण

असम विस सत्र का दूसरा दिनः राज्यपाल का अभिभाषण
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-राज्यपाल ने राज्य सरकार की गिनाई उपलब्धियां गुवाहाटी, 22 मई (हि.स.)। नव गठित असम सरकार के तीन दिवसीय पहले विधानसभा सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही शनिवार को अपराह्न 3 बजे से आरंभ हुई। दूसरे दिन का सत्र राज्यपाल प्रो जगदीश मुखी के अभिभाषण के साथ आरंभ हुआ। विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान किसी भी प्रकार की कोई टोकाटोकी नहीं की। सत्र का समापन सोमवार को होगा। अपने संबोधन में राज्यपाल ने असम की जनता का, विशेष रूप से युवा वर्ग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई सरकार कोरोना महामारी के दौरान गठित हुई है इसलिए सबसे पहली प्राथमिकता राज्य को कोरोना वायरस से मुक्त करना है। असम की जनता को वैक्सीन देना है। राज्यपाल ने अपने भाषण के प्रारंभिक अंश का और अंतिम पृष्ठ के हिस्सों को पढ़कर अपना संबोधन समाप्त कर दिया। विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष की सहमति से 45 मिनट के लिए सदन को स्थगित किया। पुनः जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो राज्यपाल के अभिभाषण पर वरिष्ठ विधायक प्रशांत फुकन ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा, जिसका सत्तापक्ष ने समर्थन किया। विधानसभा अध्यक्ष ने विधानसभा की कार्यवाही के संचालन के लिए विभिन्न समितियों के गठन की घोषणा करते हुए राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के लिए 24 मई का दिन निर्धारित किया। राज्यपाल ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य के नामघरों को सुदृढ़ बनाएगी तथा सत्रों (मठ) के अधिकार और संपत्ति की रक्षा के लिए टास्क फोर्स का गठन करेगी। साथ ही कहा कि उग्रवादी संगठन उल्फा (स्वाधीन) द्वारा एक तरफा युद्ध विराम और रितुल सैकिया की रिहाई को सरकार एक सकारात्मक संकेत मान रही है। राज्यपाल ने कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में 10 लाख युवाओं के लिए रोजगार सृजन करेगी। अर्थात प्रतिवर्ष दो लाख रोजगार सृजित करेगी। चाय जनगोष्ठी के लोगों के कल्याण व आय वृद्धि के लिए सरकार ने कई योजनाएं बनाई हैं। सरकार छोटे दुकानदारों तथा सड़क के किनारे दुकान लगाने वालों के कल्याण हेतु परिषद का गठन करेगी। असम सरकार गो रक्षा के लिए अगले अधिवेशन में एक शक्तिशाली विधेयक लाएगी। इसके साथ ही सरकार ने कृषि और किसानों की उन्नति, रोजगार सृजन के लिए को-आपरेटिव को बढ़ावा, शिक्षा के विकास के लिए विभिन्न प्रकार के प्रयास, राज्य की आर्थिक विकास की योजना, सामान्य प्रशासन और पुलिस प्रशासन को मजबूत करना, हस्तशिल्प को बढ़ावा देना, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के लिए विविध प्रकार की योजनाएं लागू करना, सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने, श्रमिक कल्याण, ग्राम विकास, कर्मचारी कल्याण, यातायात को सुगम बनाना, आपदा प्रबंधन की व्यवस्था, भूमि संरक्षण, पर्यटन को बढ़ावा तथा अल्पसंख्यकों के कल्याण और विकास सहित व्यापक पैमाने पर राज्य के विकास के लिए काम करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्वशर्मा ने शनिवार को एक बार फिर दोहराया कि सकारात्मक चर्चा का हमेशा स्वागत करेंगे और सदन में मजबूत विपक्ष के साथ काम करके उन्हें खुशी होगी। हिन्दुस्थान समाचार/ अरविंद

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