Scientists come forward to realize Prime Minister's dream of self-reliant India: Dr. Harsh Vardhan
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प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए वैज्ञानिक आगे आएंः डॉ. हर्षवर्धन

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-डॉ. हर्षवर्धन ने सागर अन्वेषिका तटीय अनुसंधान पोत राष्ट्र को किया समर्पित नई दिल्ली, 09 जनवरी (हि.स.)। केन्द्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने शनिवार को चेन्नई बंदरगाह पर सागर अन्वेषिका तटीय अनुसंधान पोत राष्ट्र को समर्पित किया । इस पोत में उन्नत वैज्ञानिक और नवीनतम नेवीगेशन उपकरण हैं, जिनसे समुद्री वातावरण के डेटा का संकलन किया जा सकेगा। इस अवसर पर डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत उन तीन राष्ट्रों में शामिल हो गया है, जिन्होंने समुद्र की गहराई में संसाधनों का पता लगाने के लिए प्रौद्योगिकियों को विकसित किया है । उन्होंने कहा कि पोत को आज राष्ट्र को समर्पित किया गया और इसमें प्रौद्योगिकी बुद्धिमत्ता है, जिससे समुद्र के भीतर 3 किलोमीटर तक डेटा संकलन किया जा सकेगा । केन्द्रीय मंत्री ने शनिवार को ही इंडियन फुटवियर साइजिंग सिस्टम, सीएलआरआई के महिलाओं के लिए टो स्प्रिंग ब्रांड के आरामदायक जूते और फैशन पूर्वानुमान कार्ड सीएसआईआर-सीएलआरआई, चेन्नई में जारी किए । सीएसआईआर-सीएलआरआई में अपने संबोधन में डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि देश इस मुश्किल काल में कोविड टेस्टिंग किट, वेंटिलेटर, पीपीई किट, एन-95 मास्क आदि के विनिर्माण में आत्मनिर्भर बना है, जबकि कोविड महामारी के शुरूआती दौर में इनका आयात किया जाता था । केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इतिहास में पहली बार भारत के पास अपना फुटवियर साइजिंग सिस्टम होगा। यह एक उदाहरण है, जिससे पता चलता है कि भारत इस प्रकार कई अन्य क्षेत्रों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर बन रहा है । हिन्दुस्थान समाचार /विजयालक्ष्मी-hindusthansamachar.in