केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल से मिले सतपाल महाराज, उत्तराखंड की पर्यटन योजनाओं के लिए मांगा धन
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल से मिले सतपाल महाराज, उत्तराखंड की पर्यटन योजनाओं के लिए मांगा धन
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केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल से मिले सतपाल महाराज, उत्तराखंड की पर्यटन योजनाओं के लिए मांगा धन

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- केंद्रीय मंत्री को भेंट किया चारधाम का मॉडल नई दिल्ली/ देहरादून। उत्तराखंड के पर्यटन, धर्मस्व और संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने आज केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री प्रह्लाद पटेल से मुलाकात कर उत्तराखंड की पर्यटन परियोजनाओं के लिए धनराशि जारी करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री को चारधाम की यात्रा को शुरू करने में केंद्र के सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया और उत्तराखंड राज्य की ओर से चारधाम की एक कृति (मॉडल) भेंट की। सतपाल महाराज ने कहा कि जैसे-जैसे संक्रमण की गति थमेगी और स्थितियों में सुधार होगा, चारधाम की यात्रा को दूसरे राज्यों के लिए भी खोला जाएगा। उन्होंने उत्तराखंड के पर्यटन विकास में केंद्रीय मंत्रालय के सहयोग के लिए प्रह्लाद पटेल को धन्यवाद दिया और कहा, "केंद्र के सहयोग से उत्तराखंड में चार धाम खुले और राज्य के ग्रीन जोन से यात्री वहां जा रहे हैं। राज्य की जनता की तरफ से हमने चारधाम का एक मॉडल मंत्री को भेंट किया है।" केंद्रीय मंत्री के साथ मुलाकात में सतपाल महाराज ने केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ‘स्वदेश दर्शन’ और ‘प्रसाद’ योजनाओं के अंतर्गत उत्तराखंड सरकार द्वारा क्रियान्वित की जा रही विभिन्न पर्यटन योजनाओं के लिए धनराशि स्वीकृत करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री को जानकारी दी कि स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत टिहरी में इको एंड एडवेंचर डेस्टिनेशन का 98 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। अब केवल टिहरी पार्किंग निर्माण का कार्य शेष बचा है, जिसे सितंबर 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसी प्रकार कुमाऊं हेरिटेज सर्किट का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। सतपाल महाराज ने केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्रालय से ‘महाभारत सर्किट’ कान्सेप्ट नोट सैद्धांतिक सहमति प्रदान करने की अपेक्षा भी जतायी। उन्होंने बताया कि प्रसाद योजना के अंतर्गत केदारनाथ मार्ग पर अवस्थापना सुविधाओं के विकास के तहत 89 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं। शेष कार्य गतिमान है, जिसे अक्टूबर 2020 तक पूरा कर लिया जाएगा। बदरीनाथ धाम हेतु स्वीकृत योजना में अत्यधिक वर्षा और बर्फबारी होने के कारण पूर्व में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पायी थी परंतु वर्तमान में परियोजना पर निर्माण कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। इसे निर्धारित समय में पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं।प्रसाद योजना के अंतर्गत गंगोत्री एवं यमुनोत्री में पर्यटन सुविधाओं के विकास हेतु सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई है। सतपाल महाराज ने इस संबंध में केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करने के साथ प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति शीघ्र जारी किये जाने का अनुरोध किया। उन्होंने उत्तराखंड के स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (एसआईएचएम) के सेंट्रलाइजेशन के भारत सरकार के विचारार्थ प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति देने का अनुरोध किया। साथ ही अल्मोड़ा स्थित फूड क्राफ्ट इंस्टीट्यूट (एफसीआई) के लिए स्वीकृत 4.75 करोड़ रुपये की राशि में से शेष बची एक करोड़ रुपये की राशि को जारी करने का अनुरोध किया। अब तक इस मद में 3.75 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता जारी की जा चुकी है। हल्द्वानी से नैनीताल रोपवे परियोजना हेतु वायबेलिट गैप फंडिंग के प्रस्ताव के अनुमोदन की भी अपेक्षा की है। आपदा में क्षतिग्रस्त हो गये केदारनाथ धाम स्थित विभिन्न कुंडों के पुनर्निर्माण के कार्य के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग से अनापत्ति प्राप्त करने में भी मदद का आग्रह किया। सतपाल महाराज ने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस वक्त सोशल डिस्टेंसिंग और कैरिंग कैपेसिटी को लेकर काम कर रही है। अब जो भी टूरिज्म होगा उसमें मास्क लगाया जाएगा, सोशल डिस्टेंसिंग होगी और सेनेटाइजेशन का ध्यान रखा जाएगा। इसका पूरा प्रबंध किया जा रहा है। जैसे ही कर्फ्यू समाप्त होगा और टेस्टिंग शुरू हो जाएगी, लोग आने शुरू होंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि उत्तराखंड की य़ात्रा सुगम हो, सरल हो। इसके लिए चारधाम मार्ग का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, जिसमें चार लेन की रोड बन रही है। उम्मीद है कि बरसात के बाद हम चारधाम के यात्रियों का स्वागत कर सकेंगे। हिन्दुस्थान समाचार/दधिबल/बच्चन-hindusthansamachar.in