sarsanghchalak-will-release-the-book-39historical-calculation-an-indian-discourse39
sarsanghchalak-will-release-the-book-39historical-calculation-an-indian-discourse39
देश

'ऐतिहासिक कालगणना : एक भारतीय विवेचन' पुस्तक का विमोचन करेंगे सरसंघचालक

news

- विमोचन समारोह रविवार को कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हाल में होगा नई दिल्ली, 18 फरवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत रविवार को 'ऐतिहासिक कालगणना : एक भारतीय विवेचन' पुस्तक का विमोचन करेंगे। यह कार्यक्रम कांस्टीट्यूशन क्लब के स्पीकर हाल में अपराह्न 3:30 बजे से होगा। विमोचन समारोह में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं बागपत के भाजपा सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. राजकुमार भाटिया और लातूर (महाराष्ट्र) के सांसद सुधाकर तुकाराम श्रृंगारे भी उपस्थित रहेंगे। पुस्तक के लेखक सेंटर फॉर सिविलाइजेशनल स्टडीज के निदेशक रवि शंकर हैं। सेंटर फॉर सिविलाइजेशनल स्टडीज के संयोजक प्रशांत सिंह ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि यह पुस्तक विद्यालयों और महाविद्यालयों में वर्तमान में पढ़ाए जाने वाले इतिहास पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। क्या भारत का इतिहास मात्र 5000 वर्ष पुराना है, जैसा कि आज एनसीईआरटी की पुस्तकों में पढ़ाया जाता है, अथवा यह भारतीय परंपरा के अनुसार लाखों-करोड़ों वर्ष प्राचीन है। साथ ही पुस्तक में यह चर्चा भी की गई है कि अनिवार्य सत्य के रूप में वर्तमान में पढ़ाया जाने वाला विकासवाद और भूगर्भशास्त्रीय गणनाएं कितनी सही हैं। प्रशांत कुमार ने कहा कि यह पुस्तक भारत और विश्व के इतिहास की प्राचीनता को समझने का एक प्रयास है। हिन्दुस्थान समाचार/पवन/सुनीत-hindusthansamachar.in