आरएसएस के स्वयंसेवक आपदा में जगा रहे हैं जीवन जीने की अलख

आरएसएस के स्वयंसेवक आपदा में जगा रहे हैं जीवन जीने की अलख
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रोहित पारीक जालोर, 29 अप्रैल (हि.स.)। वैश्विक महामारी कोरोना की आपदा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ता आमजन को राहत पहुंचाने में जुट गए हैं। जालोर शहर में संघ के कार्यकर्ता गली- गली घूमकर न सिर्फ टीकाकरण के लिए लोगों को जागरुक कर रहे हैं, बल्कि लोगों को इसके फायदे से भी अवगत करवा रहे हैं। नए अंदाज में साइकिल पर भौंपू प्रचार लोगों के लिए जहां मनोरंजन का माध्यम बन रहा है, वहीं लोग इसे ध्यान से सुनकर समझ भी रहे हैं। यह पहल शहरवासी हाथों हाथ ले रहे हैं। सामाजिक सरोकार और सेवा कार्यों में संघ की सदैव महत्वपूर्ण अग्रणी भूमिका रहती है। वर्तमान हालात में भी स्वयंसेवक मददगार बने हुए हैं। संगठनात्मक रूप से जालोर शहर को 14 बस्तियों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक बस्ती की जिम्मेदारी 3 से 4 स्वयंसेवक संभाले हुए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला सह प्रचार प्रमुख सोहन अग्रवाल कहते हैं कि स्वयंसेवक शहर में कोरोना जन जागरुकता अभियान चला रहे हैं। यह कार्य पैदल या साइकिल पर किया जा रहा है। कोरोना रोगियों के लिए भाप यंत्र का वितरण, मास्क निर्माण व वितरण, काढ़ा वितरण और अभावग्रस्त लोगों की जरुरत के अनुसार सहायता भी की जा रही है। वे बताते हैं कि आयुर्वेद चिकित्सकों के मार्गदर्शन में कार्यकर्ता स्वयं काढ़ा बनाते हैं। सवेरे 4.30 बजे काढ़ा निर्माण का कार्य प्रारंभ होता है। इसके बाद कार्यकर्ता टंकियों में भरकर मुख्य स्थानों पर काढ़ा वितरण के लिए निकलते हैं। जिला मुख्यालय पर ही 40 स्वयंसेवक कोरोना और वैक्सीन के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं। स्वयंसेवक अपने-अपने स्तर पर क्षेत्र अनुसार जागरण कार्य कर रहे हैं। वहीं कुछ स्वयंसेवकों ने रोजाना लंबे दायरे में अधिक से अधिक लोगों तक कोरोना वैक्सीन के फायदे बताने और जागरुक करने के लिए ई-साइकिल का सहारा भी लिया है। खुद अग्रवाल साइकिल पर रोजाना 15 से 20 किमी तक का सफर कर रहे हैं। इसी कार्य में नगर कार्यवाह गोविंद सेन भी सहयोग दे रहे हैं। जन जागरुकता अभियान के दौरान कार्यकर्ता साइकिलिंग और पैदल घूमने के स्वास्थ्यवद्र्धक फायदों और पेट्रोल-डीजल से होने वाले प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचने के लिए भी सजग कर रहे हैं।