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Rajasthan: BJP अध्यक्ष सतीश पूनिया ने बनाई नई टीम, पार्टी ने किया वसुंधरा राजे के समर्थकों से किनारा

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राजस्थान में सियासी उठापटक (Rajasthan Political Crisis) के बीच में राजस्थान भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने नई प्रदेश कार्यकारिणी की लंबे इंतेजार के बाद आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी. पूनिया की इस कार्यकारिणी में आठ उपाध्यक्ष, चार महामंत्री, नौ मंत्री और एक प्रदेश मुख्य प्रवक्ता सहित अन्य पदों की घोषणा की गई, लेकिन कार्यकारिणी की अंदर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje) खेमे के माने जाने वालों को जगह नहीं मिली. राजे से अदावत रखने वालों को मिली जगह जयपुर राजपरिवार की सदस्या और सांसद दीया कुमारी को संगठन में अहम जिम्मेदारी दी गई है. उनको प्रदेश महामंत्री का पदभार सौंपा गया है. जयपुर राजपरिवार की सदस्य दीया कुमारी और पूर्व वसुंधरा राजे की अदावत सार्वजनिक रूप से होटल राजमहल प्लेस विवाद से सामने आ गई थी. इतना ही नहीं अजयपाल सिंह, जिनका भी लंबे अरसे से वसुंधरा के साथ विवाद रहा है, उनको भी प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसके अलावा विधायक मदन दिलावर, जिनको राजे की नापंसद माना जाता है, लेकिन RSS के करीबी नेताओं में उनकी गिनती की जाती है, उनको भी पूनिया की कार्यकारणी में प्रदेश महामंत्री बनाया गया है. ये है पूनिया की नई टीम राजस्थान बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने अपनी टीम की घोषणा के अलावा पांच सदस्यों वाली अनुशासन समिति का भी गठन किया है. पूनिया ने सरदार अजयपाल सहित, चंद्रकांता मेघवाल, सीपी जोशी, डॉ. अल्का सिंह गुर्जर, हेमराज मीणा, प्रसन्न मेहता, मुकेश दाधीच, माधोराम चौधरी को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है. इसके अलावा विधायक मदन दिलावर, दीया कुमारी, भजनलाल शर्मा और सुशील कटारा को प्रदेश महामंत्री का पदभार सौंपा गया है. वहीं प्रदेश मंत्री के रूप जितेंद्र गोठवाल, अशोक सैनी, महेंद्र यादव, केके विश्नोई, श्रवण सिंह बगड़ी, मधु कुमावत, विजेंद्र पूनियां, महेंद्र जाटव व वंदना नोगिया की नियुक्ति की गई है. पूनिया की इस टीम में विधायक रामलाल शर्मा को प्रदेश का मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है. रामकुमार भूतड़ा को प्रदेश कोषाध्यक्ष, पंकज गुप्ता को प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष और राघव शर्मा को प्रदेश कार्यालय मंत्री का अहम जिम्मा सौंपा है. सोशल इंजीनियरिंग और RSS की पसंद को रखा गया ध्यान सतीश पूनिया की कार्यकरणी के अंदर सोशल इंजीनियरिंग और संघ की पसंद को ध्यान में रखा गया है. पूनिया की कार्यकारणी में एक सिख, दो राजपूत, तीन वैश्य, चार जाट, पांच दलित, पांच ब्राह्मण, एक गुर्जर, दो जनजाति, एक यादव, एक माली और एक कुमावत शामिल है. सियासी जानकारों के मानें तो पूनिया की टीम कोई भी उनसे बड़ा नेता नहीं है. कई नए चहरों को जगह मिली है.-newsindialive.in