राजस्थान ने लॉकडाउन के दौरान कैदियों के लिए सबसे ज्यादा वर्चुअल मीटिंग की व्यवस्था की

 राजस्थान ने लॉकडाउन के दौरान कैदियों के लिए सबसे ज्यादा वर्चुअल मीटिंग की व्यवस्था की
rajasthan-arranged-maximum-number-of-virtual-meetings-for-prisoners-during-lockdown

जयपुर, 8 जून (आईएएनएस)। कोरोना महामारी के दौरान राजस्थान के कैदियों को उनके परिवारों से मिलने के लिए जेल प्रशासन ने उनके लिए सबसे अधिक वीडियो कॉन्फ्रेंस की व्यवस्था की ताकि वे अपने परिवारों से वर्चुअल मीटिंग कर सके। 1,00,746 मीटिंग के साथ कैदियों की वर्चुअल मीटिंग की व्यवस्था करने में राजस्थान शीर्ष पर है जबकि दूसरा राज्य बिहार है जिसने कैदियों के लिए 58,891 वर्चुअल मीटिंग की व्यवस्था की है। सूची में तीसरे स्थान पर दिल्ली है जिसने कैदियों और उनके परिवारों के लिए 34,368 वीडियो कॉन्फ्रेंस की व्यवस्था की, जबकि गुजरात में 33,821 मीटिग और मध्य प्रदेश में 19,132 वर्चुअल मीटिंग हुई। यह इस साल 1 अप्रैल से 5 जून तक जमा किया गया डेटा है। राजस्थान कारागार महानिदेशक राजीव दासोत ने कहा, यह पहल शीर्ष अदालत द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और सलाह के बाद की गई थी। इसमें कहा गया था कि अगर वे अपने परिवार के सदस्यों से दूर रहते हैं तो कैदियों में अवसाद बढ़ सकता है। हमने परिवारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की व्यवस्था करने की पहल शुरू की और यह सुनिश्चित किया कि एक कैदी सप्ताह में एक बार अपने परिवार के सदस्यों के साथ ई-मीटिंग करे। उन्होंने कहा कि इससे पहले जेल के कैदी को अपने परिवार के सदस्यों से फोन पर बात करने की इजाजत थी। सूत्रों ने कहा कि असम, मणिपुर, महाराष्ट्र, हरियाणा, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, सिक्किम और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह जैसे राज्यों में कैदी अपने परिवारों से पूरी तरह दूर रहे, जबकि पंजाब, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और गोवा जैसे राज्यों में वे ऐसा नहीं कर सके। टाटा ट्रस्ट जस्टिस की रिपोर्ट ने इस साल जेल व्यवस्था के मामले में राजस्थान को नंबर एक राज्य के रूप में घोषित किया था, जबकि राज्य पिछले साल 12वें स्थान पर था। --आईएएनएस एचके/आरजेएस