मध्‍य प्रदेश में "वैद्य आपके द्वार योजना" शुरू, घर बैठे मिलेगा इलाज और दवाएं

मध्‍य प्रदेश में "वैद्य आपके द्वार योजना" शुरू, घर बैठे मिलेगा इलाज और दवाएं
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भोपाल, 07 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में कोरोना की चेन तोड़ने का काम तेजी के साथ चल रहा है, लोग अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलें और आवश्यक स्वास्थ्य लाभ उन्हें चाहिए तो वह भी उन तक घर में ही पहुंच जाएं। इसके लिए राज्य सरकार ने अपनी बहुप्रतीक्षित योजना "वैद्य आपके द्वार'' शुक्रवार से शुरू कर दी है। अब छोटी-छोटी परेशानियों के लिए लोगों को अस्पतालों की लम्बी लाइनों में नहीं खड़ा होना पड़ेगा। इस संबंध में आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे ने 'वैद्य आपके द्वार'' योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के संकट काल में आम लोगों के लिए आयुष विभाग की सेवाओं को नये स्वरूप में लाने का प्रयास किया गया है। कोरोना कर्फ्यू के दौरान लोग घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे है। ऐसे में उन्हें डॉक्टर की सलाह लेने एवं अपना उपचार कराने में परेशानी न हो, इसके लिये “आयुष क्योर” मोबाईल एप के माध्यम से लोगों को घर बैठे आयुष चिकित्सक की सेवाएँ मिलेंगी। उन्होंने बताया कि “आयुष क्योर” मोबाइल एप में अपनी सेवाएँ देने के लिए जो आयुष डॉक्टर इसमें जुड़े है, उन सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मंत्री श्री कावरे ने कहा कि इस एप से अधिक से अधिक आयुष चिकित्सकों को जोड़ा जाये। आयुष विभाग के चिकित्सक एवं अधिकारी इस बात की चिंता करें कि आमजन को अच्छी सेवाएँ दे सकें। हम सबको मिलकर इस संकट काल में लोगों का मनोबल बढ़ाना है और आम जनों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ देने का प्रयास करना है। वहीं, 'वैद्य आपके द्वार योजना' मोबाईल एप “आयुष क्योर” के माध्यम से हर घर तक पहुंचेगी। आयुष मंत्री कावरे ने “आयुष क्योर” मोबाईल एप का शुभारंभ कर आयुर्वेद चिकित्सक डॉ, वंदना से वीडियो कालिंग के माध्यम से चर्चा की। “आयुष क्योर” मोबाईल एप को गूगल प्ले स्टोर से कोई भी व्यक्ति अपने एंड्रायड मोबाईल में डाउनलोड कर सकता है। इस एप में अभी 70 आयुर्वेद चिकित्सक जुड़े है और यूनानी एवं होम्योपैथिक चिकित्सकों को भी एप से जोड़ा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति आयुष चिकित्सक से सम्पर्क कर सकता है। चिकित्सक वीडियो कॉलिंग के माध्यम से मरीज से चर्चा कर उसकी बीमारी के बारे में जानकारी ले कर उपचार संबंधी सलाह व परामर्श देंगे। इस एप के माध्यम से मरीज अपनी पैथोलाजी रिपोर्ट एवं अन्य जाँच रिपोर्ट भी अपलोड कर चिकित्सक से उपचार संबंधी परामर्श ले सकता है। यह सुविधा पूरी तरह से नि:शुल्क है। हिन्दुस्थान समाचार/डॉ. मयंक चतुर्वेदी