पंजाब और हरियाणा सरकार आपस में निपटाएं सतलुज यमुना लिंक नहर मामला: सुप्रीम कोर्ट
पंजाब और हरियाणा सरकार आपस में निपटाएं सतलुज यमुना लिंक नहर मामला: सुप्रीम कोर्ट
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पंजाब और हरियाणा सरकार आपस में निपटाएं सतलुज यमुना लिंक नहर मामला: सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली, 28 जुलाई (हि.स.)। सतलुज यमुना लिंक नहर मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकार को आपस में बैठक करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने दोनों राज्यों से कहा कि आप आपस में बात कर बताएं कि आप खुद मुद्दे का हल निकाल सकते हैं कि नहीं। इस मामले पर अगली सुनवाई अगस्त के तीसरे हफ्ते में होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 3 सितंबर 2019 को इस मामले को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार को चार महीनों का समय दिया था। सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि इस मामले में पिछले आदेश के तहत बैठक हुई थी लेकिन इस पर नतीजा निकलने में समय लगेगा। केंद्र सरकार के साथ दोनों राज्यों की कमेटियों के साथ दो बार बैठक हुई थी लेकिन मसले का हल नहीं निकाला जा सका है। दोनों राज्य अपने पक्ष पर कायम रहे। कोर्ट ने 9 जुलाई 2019 को केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकार को बैठक करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने कहा था कि तीनों पक्ष कोर्ट के आदेशों को लागू करने के लिए बैठक करें। अगर बैठक बेनतीजा रहती है तो हम अपना आदेश लागू कराएंगे। इस मामले में पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अमल के लिए तैयार नहीं है। 10 नवंबर 2016 सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि पंजाब जल बंटवारे पर एकतरफा संधिनिरस्त नहीं कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि निर्माण कार्य जारी रहेगा। एसवाईएल नहर से जल बंटवारे के विवाद पर 2004 में राष्ट्रपति द्वारा सुप्रीम कोर्ट से मांगी गई सलाह पर संविधान पीठ के पांचों जजों ने कहा था कि पंजाब हरियाणा से एकतरफा जल बंटवारे पर एकतरफा संधि निरस्त नहीं कर सकता । कोर्ट ने पंजाब विधानसभा द्वारा संधि निरस्त करने के प्रस्ताव को भी सुप्रीम कोर्ट ने गैरकानूनी करार दिया था । हिन्दुस्थान समाचार/संजय/सुनीत-hindusthansamachar.in