कानपुर में कोविड की आने वाली तीसरी लहर से निपटने की मुकम्मल हो तैयारी : योगी आदित्यनाथ.

कानपुर में कोविड की आने वाली तीसरी लहर से निपटने की मुकम्मल हो तैयारी : योगी आदित्यनाथ.
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- कोरोना काल में दूसरी पर शनिवार को कानपुर का दौरा करने आए थे मुख्यमंत्री - बिठूर के परगही गांव का निरीक्षण कर ग्रामीणों को कोरोना के प्रति किया जागरुक कानपुर, 22 मई (हि.स.)। वैश्विक महामारी कोरोना काल में दूसरी बार शनिवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर पहुंचे। यह अलग बात है कि पहली बार पिछले वर्ष 27 अक्टूबर को घाटमपुर उपचुनाव के दौरान रैली को संबोधित करने आये थे। इस बार उनका पूरा फोकस कोरोना संक्रमण पर रहा। अफसरों के साथ केडीए के अटल सभागार में उन्होंने कोरोना की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वर्तमान हालात पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के साथ पीड़ितों को बेहतर इलाज सरकारी अस्पतालों में दिए जाने की बात कही। साथ ही अफसरों को कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए अभी से तैयार रहने को चेताया। साफ कहा कि इससे निपटने के लिए अभी से तैयारी पूरी कर लें ताकि स्थिति को तुरंत काबू कर लिया जाए। कोविड-19 की रोकथाम व मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं को हकीकत परखने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर दौरे पर आए। सपा के गढ़ सैफई मेडिकल कॉलेज में कोरोना की समीक्षा कर मुख्यमंत्री का उड़न खटोला जनपद स्थित पुलिस लाइन में बने हैलीपेट पर लैंड किया। यहां से उनका काफिला कड़ी सुरक्षा के बीच सीधे सर्किट हाउस के लिए निकल गया। कुछ देर सर्किट हाउस में रुकने और अधिकारियों से वार्ता करने के बाद मुख्यमंत्री योगी नगर निगम आए और स्मार्ट सिटी कार्यालय में बने इन्टीग्रेटेड कोविड कमाण्ड सेंटर की व्यवस्था देखी। कोविड कमांड सेन्टर पर कोरोना महामारी की रोकथाम व मरीजों को इलाज दिए जाने की सुविधाओंं के बारे में जानकारी की। नगर मजिस्ट्रेट हिमांशु गुप्ता ने मुख्यमंत्री को कोविड प्रबंधन को लेकर विस्तृत जानकारी दी। यहां से वह कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) स्थित अटल बिहारी वाजपेयी ऑडिटोरियम पहुंचे। इस दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ कोविड-19 से निपटने के लिए जनपद पर चल रही स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ सरकार द्वारा मुहैया कराई जा रही सहूलियतों के बारे में जानकारी ली। यहां पर कानपुर मण्डल के इटावा जनपद को छोड़कर अन्य जनपदों के जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों से वीसी के माध्यम से समीक्षा की। करीब एक घंटे तक कोविड से निपटने क लिए जिले में उठाए जाने जिला, स्वास्थ्य व पुलिस प्रशासन की गतिविधियों की गहनता से जानकारी ली और जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए जा रहे जनोपयोगी कदमों के बारे में भी चर्चा की। इसके पश्चात मीडिया से केडीए के नीचले तल के हॉल में अपने दौरे को लेकर जानकारी दी। परगही गांव का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री अफसरों के साथ बैठक कर कोरोना की आने वाली तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य सेवाओं को और चाकचौबंद करने व सभी आवश्यक दवाओं, जरूरतों को पूरा करने की बात कही। यहां से वह बिठूर थाना क्षेत्र के परगही बांगर गांव का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे। यहां पर गांवों में कोविड प्रबंधन को लेकर बनी निगरानी समिति से बातचीत की। उन्होंने गांव में गठित कमेटी की महिला कर्मी से बातचीत की और हालात के बारे में जानकारी ली। जिस पर बेहतर ढंग से अफसरों की देखरेख में चलाई जा रही स्वास्थ्य सेवाएं व जांच आदि के बारे में कर्मी ने उत्तर दिया गया। इस दौरान टीम का हौसला बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने सराहना की और अच्छे से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि ग्रामीणों को कोरोना के प्रति जागरुक करें और वैक्सीन का टीकाकरण जरूर कराने को सेन्टर पर लेकर जाए। यहां पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से कोरोना के प्रति सरकारी अधिकारियों द्वारा की गई तैयारियों का फीडबैक भी लिया। इस दौरान परगही गांव में साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे। परगही गांव के निरीक्षण के बाद पुलिस लाइन से लखनऊ के लिए रवाना हो गए। इस दौरान सांसद सत्यदेव पचौरी, देवेन्द्र सिंह भोले, महापौर प्रमिला पांडेय, मंत्री सतीश महाना, नीलिमा कटियार, विधायक सुरेन्द्र मैथानी, अभिजीत सिंह सांगा, महेश त्रिवेदी, भगवती सागर, उपेन्द्र कुमार, एमएलसी सलिल विश्नोई, अरुण पाठक के साथ मंडलायुक्त डॉ राजशेखर, जिलाधिकारी आलोक तिवारी, पुलिस आयुक्त असीम अरुण, एडीएम सिटी अतुल कुमार, नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी आदि मौजूद रहें। बताते चलें कि, कोरोना संकमण की दूसरी लहर में कानपुर की स्वास्थ्य सेवाओं की पूरी तरह से पोल खुल गई और मरीजों को अस्पताल में बेड से लेकर आक्सीजन के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यही नहीं मौतों का आंकड़ा भी इस कदर बढ़ा कि गंगा किनारे घाटों पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए जगह कम पड़ गई और परिजन टोकन लेने को मजबूर हो गये। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी सिस्टम के पेंच कसने के लिए शनिवार को शहर पहुंचे थे। हिन्दुस्थान समाचार/मोहित

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