आंध्र प्रदेश: Vizag को प्रशासनिक राजधानी बनाने की तैयारी में सरकार, विरोध में किसान जा सकते हैं हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश: Vizag को प्रशासनिक राजधानी बनाने की तैयारी में सरकार, विरोध में किसान जा सकते हैं हाईकोर्ट
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आंध्र प्रदेश: Vizag को प्रशासनिक राजधानी बनाने की तैयारी में सरकार, विरोध में किसान जा सकते हैं हाईकोर्ट

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आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के राज्यपाल बिश्वभूषण हरिचंदन के राज्य की तीन राजधानी के गठन से संबंधित दो बिलों को मंजूरी देने के साथ ही वाईएस जगन मोहन रेड्डी (YS Jagan Mohan Reddy) सरकार ने प्रशासनिक राजधानी (Administrative Capital) को अमरावती (Amravati) से विशाखापत्तनम (Vizag) शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी है. सरकार ने बनाई हाई लेवल कमेटी शनिवार को राज्य सरकार ने विशाखापत्तनम में सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को देखने के लिए एक हाई लेवल कमेटी बनाई है. समिति का नेतृत्व विशाखापत्तनम के पुलिस आयुक्त आरके मीणा कर रहे हैं और इसमें आठ वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे. साथ ही स्पेशल ड्यूटी का एक अधिकारी इसका संयोजक होगा. दो हफ्तों में आएगी कमेटी की रिपोर्ट यह समिति कार्यकारी राजधानी में विकसित होने के मद्देनजर विशाखापत्तनम में सुरक्षा और पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे की स्टडी करेगी. यह राजधानी शहर में अतिरिक्त पुलिस बलों की आवश्यकता पर भी ध्यान देगी. पुलिस महानिदेशक गौतम सवांग ने निर्देश दिया कि समिति दो हफ्तों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी. शहरी विकास और नगरपालिका प्रशासन मंत्री बोत्सा सत्यनारायण ने घोषणा की कि मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी जल्द ही विशाखापत्तनम में प्रशासनिक राजधानी की नींव रखेंगे. “15 अगस्त को सीएम करेंगे प्रशासनिक राजधानी का शिलान्यास” हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के तुरंत बाद मुख्यमंत्री विशाखापत्तनम में प्रशासनिक राजधानी का शिलान्यास करने वाले हैं. 25 अक्टूबर तक विशाखापत्तनम में शिफ्ट होगी राजधानी इसके लिए जगन ने शिलान्यास समारोह की तैयारी करने के लिए कथित तौर पर CMO के कर्मचारियों को निर्देश दे दिए हैं. सरकारी कार्यालयों की शिफ्टिंग जल्द ही फेज वाइज शुरू हो जाएगी और अगर सब कुछ योजना के अनुसार होता है, तो राज्य सचिवालय और अन्य प्रशासनिक कार्यालयों को 25 अक्टूबर तक विशाखापत्तनम में शिफ्ट कर दिया जाएगा. अमरावती के किसानों ने किया विरोध वहीं अमरावती के जिन किसानों ने चंद्रबाबू नायडू शासन के दौरान राज्य की राजधानी के विकास के लिए राज्य सरकार को लगभग 34,000 एकड़ जमीन दी थी, वो विशाखापत्तनम को प्रशासनिक राजधानी बनाने का विरोध कर रहे हैं. सोशल डिस्टेंसिंग के साथ किसानों का प्रदर्शन इतना ही नहीं तीन राजधानियों के लिए राज्यपाल की मंजूरी के खिलाफ टुल्लुरु, मंडादम, वेंकटैयापलेम और वेलगापुडी के सैकड़ों किसानों ने अपने-अपने गांवों में Covid-19 के नियमों का पालन करते हुए और सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया. सरकार के फैसले के खिलाफ HC का रुख कर सकते हैं किसान ये किसान अब तीन राजधानियों के अधिनियम पर रोक लगाने के लिए मंगलवार को हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करने की भी योजना बना रहे हैं. इसके साथ-साथ इसी हफ्ते की शुरुआता में ताड़ीकोंडा के पूर्व TDP विधायक श्रवण कुमार की एक याचिका हाई कोर्ट में लंबित है, जिसे सुनवाई के लिए 6 अगस्त की तारीख मिली है.-newsindialive.in