गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत रेलवे ने 4 सप्ताह में दिया 1.6 लाख मानवदिवस का रोजगार
गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत रेलवे ने 4 सप्ताह में दिया 1.6 लाख मानवदिवस का रोजगार
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गरीब कल्याण रोजगार योजना के तहत रेलवे ने 4 सप्ताह में दिया 1.6 लाख मानवदिवस का रोजगार

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नई दिल्ली, 17 जुलाई (हि.स.)। रेलवे ने प्रवासी मजदूरों के लिये गरीब कल्याण रोजगार योजना में योगदान करते हुए 608 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च कर ग्रामीण इलाकों में डेढ़ लाख से अधिक कार्य शुरू कर दिये हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस साल 20 जून को गरीब कल्याण रोजगार अभियान नाम से एक व्यापक रोजगार-सह-ग्रामीण सार्वजनिक कार्य मुहिम का शुभारम्भ किया था। 125 दिन के इस अभियान में बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा सहित 6 राज्यों के 116 जिलों में घर लौटने वाले प्रवासी कामगारों को ध्यान में रखते हुए 25 श्रेणियों के कार्यों व गतिविधियों के कार्यान्वयन पर जोर शामिल है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की थी कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान के अंतर्गत टिकाऊ ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए 50,000 करोड़ रुपये की धनराशि व्यय की जाएगी। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन (सीआरबी) विनोद कुमार यादव ने शुक्रवार को डिजिटल संवाददाता सम्मेलन में कहा, पिछले चार हफ्तों में हम 1,61,251 मानवदिवस के रोजगार अवसर सृजित कर चुके हैं और इसके लिए 608.87 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत उत्साहजनक है और हम इस काम का समर्थन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना और लॉकडाउन के चलते गांव में लौटे प्रवासी मजदूरों के लिए रेलवे ने इस योजना के तहत 160 बुनियादी ढांचे के कामों की पहचान की है।इसमें लगभग 1,800 करोड़ रुपये खर्च करके अक्टूबर के अंत तक लगभग 8 लाख मानव दिवस के रोजगार देने की परिकल्पना की है। पिछले 4 सप्ताह के राज्यवार आंकड़े देते हुए उन्होंने कहा कि बिहार में, रेलवे ने 62,667 मानवदिवस के रोजगार पर 204.11 करोड़ रुपये खर्च किए, उत्तर प्रदेश में 52,696 मानवदिवस के रोजगार बनाने के लिए 246.30 करोड़ रुपये खर्च हुए। इसी प्रकार राजस्थान में यह आंकड़ा 10,458 मानवदिवस के रोजगार और 43.49 करोड़ रुपये हैं। मध्य प्रदेश के लिए 32,379 मानवदिवस के रोजगार और 70.87 करोड़ रुपये खर्च। ओडिशा में 1,147 मानवदिवस के रोजगार और 40.38 करोड़ रुपये खर्च जबकि झारखंड में, रेलवे ने 1,904 मानवदिवस के रोजगार के लिए 3.03 करोड़ रुपये खर्च किये। रेलवे ने इस योजना के लिए ऐसे रेल कार्यों की भी पहचान की है, जिन्हें मनरेगा के माध्यम से पूरा कराया जा सकता है। ये कार्य लेवल क्रॉसिंग के लिए संपर्क मार्गों के निर्माण एवं रखरखाव, रेल पटरियों से सटे अवरुद्ध जलमार्गों, खाइयों और नालियों के विकास और उनकी सफाई, रेलवे स्टेशनों को जाने वाले संपर्क मार्ग का निर्माण तथा रखरखाव, मौजूदा रेलवे तटबंधों व कटाव (कटिंग्स) की मरम्मत और चौड़ीकरण, रेलवे की भूमि पर बड़ी सीमाओं पर वृक्ष लगवाना और मौजूदा तटबंधों, कटाव व सेतुओं के लिए सुरक्षा कार्यों से संबंधित हैं। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील/सुनीत-hindusthansamachar.in