फरार ओलंपियन सुशील पहलवान के भठिंडा, सोनीपत व बहादुरगढ़ के छह पहलवान दोस्तों से पुलिस ने की पूछताछ

फरार ओलंपियन सुशील पहलवान के भठिंडा, सोनीपत व बहादुरगढ़ के छह पहलवान दोस्तों से पुलिस ने की पूछताछ
police-questioned-six-wrestler-friends-of-absconding-olympian-sushil-pehalwan-bhatinda-sonepat-and-bahadurgarh

- इन दोस्तों में कुछ के नाम जारी हुए सिमकार्ड तो किसी पर सिमकार्ड मुहैया कराने के आरोप को लेकर चल रही है जांच - दिल्ली से फरार होने के बाद उत्तराखंड, हरियाणा के बाद अब पंजाब को बनाया ठिकाना नई दिल्ली, 22 मई (हि.स.)। दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम की पार्किंग में हुई पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के बाद से फरार चल रहे ओलंपियन पहलवान सुशील कुमार की तलाश में जुटी पुलिस टीम ने उसके छह करीबी पहलवान दोस्तों से बात की है। पूछताछ के दायरे में आने वाले पहलवान दोस्तों में जिसके नाम-पते वाले दस्तावेज पर जारी सिमकार्ड के आधार पर सुशील की आखिरी लोकेशन पंजाब के भठिंडा में होने का पता चला था, वह भी शामिल हैं। इसके अलावा भठिंडा के एक अन्य पहलवान और सोनीपत व बहादुरगढ़ के दो-दो पहलवानों समेत पांच अन्य पहलवान भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि इसमें से भठिंडा वाले पहलवान की पुलिस गिरफ्तारी भी कर सकती है। हालांकि अबतक जांच के मुताबिक अभी उसकी लोकेशन, मददगारों व उसके करीबी नेटवर्क के अन्य लोगों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। इस तरह से एक-एक कर जानकारी जुटा पुलिस ने अबतक करीब 26 लोगों से पूछताछ की है, लेकिन उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। यह जरूर है कि उसे मदद पहुंचाने के शक के दायरे में आए इनमें से कई लोगों से पुलिस ने एक नहीं बल्कि दो से तीन बार की पूछताछ की है। फिर भी सुशील पहलवान तक पहुंचने में नाकाम रही है। 5 प्रदेशों में तीन दर्जन जगहों पर छापेमारी जांच की कड़ी में जुटी पुलिस अबतक उसकी तलाश में दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा व अब पंजाब सहित करीब पांच प्रदेशों में तीन दर्जन जगहों पर छापेमारी कर चुकी है। उसकी तलाश में दिल्ली पुलिस की 15 टीमों के अलावा हरियाणा व पंजाब पुलिस भी जुटी हुई है। सुशील की पहले उत्तराखंड जाने की सूचना मिली थी, बाद में हरियाणा के कुछ जगहों पर उसकी लोकेशन मिली थी। इसलिए पुलिस को उसके ठिकानों का पता करके नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। पांच मई से फरार सुशील लगातार पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा है। उसने पुलिस को चकमा देने के लिए मोबाइल फोन एक साथी को देकर दिल्ली की तरफ रवाना कर दिया था, ताकि पुलिस उसतक नहीं पहुंच सके। लोकेशन की तकनीकी जांच इसके अलावा अबतक की तफ्तीश में सुशील के जिन भी करीबी लोगों के नाम का पुलिस को पता चल रहा है, उनकी लोकेशन की डिटेल ली जा रही है। वारदात के वक्त किसकी मौजूदगी कहां थी? इसकी तकनीकी डिटेल पुलिस ले रही है। साथ ही जिन-जिन भी लोगों के बारे में जानकारी मिल रही है, उनसभी के फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकाली गई है ताकि यह पता चल सके कि इन लोगों में से कौन से लोग सुशील के संपर्क में हैं। इसके आधार पर पुलिस की छापेमारी जारी है। हिन्दुस्थान समाचार/अश्वनी

अन्य खबरें

No stories found.