परमार्थ संस्था गांवों में लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए कर रही जागरूक
परमार्थ संस्था गांवों में लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए कर रही जागरूक
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परमार्थ संस्था गांवों में लोगों को कोविड-19 से बचाव के लिए कर रही जागरूक

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- 21 जुलाई तक बुन्देलखण्ड के चार जिलों के 250 गांवों को जागरुक करने का लक्ष्य महेश पटैरिया झांसी,18 जुलाई(हि.स.)। विश्वव्यापी कोरोना के कहर से भारत में अब तक 10 लाख से ज्यादा कोविड-19 के मरीज सामने आ चुके हैं। ये संख्या निश्चत ही लोगों को सोचने पर मजबूर करती है। बावजूद इसके लोग इससे बचाव के नियमों का ठीक से पालन करते नजर नहीं आ रहे। जब शहरों का यह आलम है तो भला गांवों की क्या कहिए ? इसी बात को ध्यान में रखते हुए कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए परमार्थ समाज सेवी संस्थान ने गांव की ओर रुख किया है। इसकी रोकथाम के लिए परमार्थ समाज सेवी संस्थान का जागरुकता रथ गांव-गांव जाकर कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरूक कर रहा है। आगामी 21 जुलाई तक संस्था कुल 250 गांवों तक पहुंचकर लोगों को जागरुक करने का कार्य करेगी। कोविड-19 के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए अभियान को दो भागों में चलाया गया है। प्रथम चरण में यह अभियान यूपी-एमपी के जनपद झांसी, ललितपुर, टीकमगढ़ व छतरपुर में चलाया गया था। इस चरण में चार जागरुकता रथों ने गांवों में जाकर कुल 200 गावों के लोगों को लाॅकडाउन के नियमों व कोरोना से बचने के लिए माॅस्क लगाने से लेकर हाथ सैनेटाइज करने तक सारी जानकारी लोगों से साझा की थी। इन चारों जनपदों के विभिन्न गांवों में ये रथ 10 जून से शुरु होकर 18 जून तक चलाए गए थे। दूसरा चरण तब शुरु किया गया है। जब जनपद झांसी के कोरोना मुक्त होने के बाद पुनः कोरोना मरीजों की संख्या में बाढ़ सी आ गई है। यह दूसरा चरण 7 जुलाई से शुरु होकर 21 जुलाई तक चलाया जा रहा है। इस चरण में कुल 50 गांवों के लोगों को जागरुक करने का अभियान छेड़ा गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए रथ की कार्यविधि का अवलोकन कर रहे जितेन्द्र यादव ने बताया कि जागरुकता रथ प्रतिदिन 4 गांवों के लोगों को जागरुक करता है। प्रत्येक गांव में करीब 2 से 3 घंटे तक रथ व टीम के लोग उपस्थित होकर लोगों को न केवल बचाव का तरीका बताते हैं बल्कि उनकी समस्याओं का भी समाधान करते हैं। परमार्थ समाज सेवी संस्थान द्वारा संचालित वाॅश परियोजना के कोर्डिनेटर नरेन्द्र दुबे ने कहा कि वह लोगों को बता रहे हैं कि यह वाॅयरस गंदगी के साथ स्पर्श से फैलता है। इसलिए दो गज की दूरी बना कर रखें। जितना हो सके उतना कम लोगो के सम्पर्क में आयें। अपने हाथों को बार-बार साबुन या सेनेटाइजर से साफ करते रहें। चाइल्ड लाइन के जिला संयोजक अमरदीप वमोनिया ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि मुंह पर मास्क लगाकर जरूर रखें। आपस में सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखें। नियमित अपने हांथों को सेनेटाइजर व साबुन से धोये। बिना वजह घरों से न निकले खांसी या बुखार के लक्षण होने पर, या साॅस लेने में तकलीफ होने पर, तत्काल हाॅस्पिटल में जायें और जाॅच करायें। इन सभी जानकारियों के अलावा टीम के सदस्य गांवों में दीवाल लेखन भी करा रहे हैं। ताकि उनके चले जाने के बाद भी लोगों को उनके बताए नियमों की याद बनी रहे। माॅस्क वितरण भी कर रही है टीम परमार्थ समाज सेवी संस्थान द्वारा गांव गांव जाकर लोगांे को केवल जानकारी नहीं दी जा रही है। बल्कि जानकारी के साथ लोगों को माॅस्क वितरण भी किया जा रहा है। इस अभियान के सहयोगी कीपेन्द्र राजपूत, अमित पटेल, विशाखा कुशवाहा, भारती यादव व सतीश कुमार आदि विशेष सहयोग प्रदान कर रहे हैं। झांसी ने तोड़े अब तक के सारे रिकाॅर्ड पिछले सप्ताह भर में जनपद में कोरोना संक्रमितों की संख्या में रिकाॅर्ड तोड़ वृद्धि हुई है। इसके चलते आज कुल मरीजों की संख्या एक हजार के करीब जा पहुंची है। इनमें से अब तक कुल 44 मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि कुल 311 लोग कोरोना से चल रही जंग को जीतकर अपने घरों में पहुंच चुके हैं। वहीं इस समय जिले में एक्टिव मामलों की संख्या 637 जा पहुंची है। सबसे चैकाने वाली बात यह भी है कि यहां पर रिकवरी रेट अन्य जनपदों की अपेक्षा बहुत कम है। यही नहीं यहां कुछ दिन पहले तक मृत्यूदर ने पूरे प्रदेश की निगाहें अपनी ओर खीच ली थी। तब यहां हर 10 मरीजों पर एक मरीज की मौत हो रही थी। पिछले कुछ दिनों से यह अनुपात कुछ सुधर गया है। सावधानी बरतने की जरुरत परमार्थ समाजसेवी संस्थान के प्रमुख,जलजन जोड़ों अभियान के संयोजक, वर्ल्ड वाॅटर काॅउंसिल व कैग के सदस्य डा. संजय सिंह ने सभी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन में रियायत मिलने के बाद से लोगों ने सावधानियां बरतना बंद कर दिया है। इसका नतीजा यह है कि कोरोना मुक्त जनपद में कुल मरीजों की संख्या हजार पर जा पहुंची है। यह बेहद चिंता का विषय है। लोगों को सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। तभी इस विश्वव्यापी महामारी से निजात पाई जा सकेगी। इसके लिए लोगों को भारतीय संस्कृति की ओर वापस लौटते हुए योग,व्यायाम व साधना पर ध्यान देना होगा। हिन्दुस्थान समाचार-hindusthansamachar.in