ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स जमाखोरी : नवनीत कालरा की जमानत याचिका पर सुनवाई 25 को

 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स जमाखोरी : नवनीत कालरा की जमानत याचिका पर सुनवाई 25 को
oxygen-concentrators-hoarding-hearing-on-bail-plea-of-navneet-kalra-on-25th

नई दिल्ली, 22 मई (हि.स.)। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स की जमाखोरी के मामले में गिरफ्तार नवनीत कालरा की पुलिस हिरासत की मांग खारिज कर दी है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट वसुंधरा आजाद ने नवनीत कालरा की जमानत याचिका पर 25 मई को सुनवाई करने का आदेश दिया। दिल्ली पुलिस ने नवनीत कालरा की पांच दिनों की न्यायिक हिरासत की मांग की है। दिल्ली पुलिस की ओर से वकील अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि मामला शुरू में लोदी कालोनी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज किया गया था। उसके बाद इसे क्राइम ब्रांच में भेज दिया गया, क्योंकि यह दूसरे राज्य से भी जुड़ा हुआ था। इस दौरान आरोपित ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। उन्हें हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। उसके बाद आरोपित को गुड़गांव से गिरफ्तार किया गया और कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट से पांच दिनों की हिरासत मांगी गई थी लेकिन तीन दिनों की हिरासत मिली थी। अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि आरोपित के दो फोन जब्त कर मैदानगढ़ी थाने ने सील कर दिया था। उन फोन का मिरर इमेज लिया जाना था। हमने पुलिस हिरासत की मांग की थी। इस मामले में 23 बैंकों के पैसे का ट्रांजैक्शन हुआ है। बैंकों को हमने नोटिस दिया है। मिरर इमेज के लिए आरोपित की सहमति की जरूरत होती है। उनके सीए से पूछताछ करनी है। आरोपित के सामने मोबाइल का डाटा सीए के सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। जिन लोगों को व्हाट्स ऐप से माल बेचा गया है उनके सामने भी बैठाकर पूछताछ करनी है। श्रीवास्तव ने कहा कि मैट्रिक्स और क्लासिक मेटल कंपनियों ने ये डील की। उन्होंने कहा कि एम्स के डॉक्टरों ने बताया कि ये ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर्स कोरोना मरीजों के लिए किसी उपयोग की नहीं है। इसलिए आरोपित की हिरासत में पूछताछ की जरूरत है। नवनीत कालरा की ओर से वकील विनीत मल्होत्रा ने कहा कि आरोपित ने जांच में पूरे तरीके से सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष रूप से जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस अफसर ने जब छापा मारा तो मैट्रिक्स नामक कंपनी के कंसेंट्रेटर्स बरामद किया जो आरोपित के परिसर से मिले। उन कंसेट्रेटर्स को अलग-अलग रेट पर उनकी क्वालिटी के मुताबिक बेचे गए। इस मामले के आरोपित गौरव खन्ना जो मैट्रिक्स के सीईओ हैं। गौरव खन्ना की हिरासत मांगने के समय जो दलीलें दी गई थीं, वही दलील नवनीत कालरा की हिरासत मांगने के लिए की गई है। गौरव खन्ना को जमानत भी मिल चुकी है। उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत मांगने की कोई जरूरत नहीं है। तब कोर्ट ने पूछा कि दोनों आरोपितों की परिस्थिति अलग-अलग है। बैंक खाते की जानकारी के लिए आरोपित की जरूरत नहीं है। मल्होत्रा ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने आज जो दलील दी है वही दलील पिछली सुनवाई के दौरान भी दी गई थी। इन दलीलों के आधार पर पिछले 20 मई को कोर्ट ने पुलिस हिरासत की मांग खारिज कर दी थी।मल्होत्रा ने कहा कि अभियोजन को निष्पक्ष होना चाहिए। जो कंसेंट्रेटर नवनीत कालरा बेच रहे थे, वही कंसेंट्रेटर अभिनेता सलमान खान बेच रहे थे। उन्होंने श्रीराम लैब का रिपोर्ट और कंपनी के कंसेंट्रेटर्स के विज्ञापन पर ऑक्सीजन संबंधी फ्लो चार्ट को दिखाया। जेल से नवनीत कालरा भी सुनवाई से जुड़ा और कहा कि वो एक मशहूर ऑप्टिशियन है। उससे पुलिसवालों ने कंसेंट्रेटर लिये। इन मशीनों के बारे में पुलिस ने भी बताया कि ये मशीनें सुरक्षित हैं। पुलिस जो कह रही है कि 23 बैंकों से ट्रांजैक्शन हुए। उसने कहा कि मेरा एक ही खाता है जो एचडीएफसी में है। 23 खाते ग्राहकों के थे, जिसे पुलिस कह रही है कि मेरे हैं। उसने कहा कि जो मशीनें खराब हुईं उसे हमने बदलकर दिया। कालरा ने कहा कि मैं न तो कंसेंट्रेटर का निर्माता हूं और न ही आयातक हूं। पिछले 20 मई को कोर्ट ने कालरा को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आकांक्षा गर्ग ने दिल्ली पुलिस की हिरासत की मांग को खारिज करते हुए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। पिछले 17 मई को कोर्ट ने कालरा को तीन दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा था। पिछले 16 मई को दिल्ली पुलिस ने नवनीत कालरा को गुड़गांव से गिरफ्तार किया था। पिछले 13 मई को कोर्ट ने नवनीत कालरा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दिया था। दिल्ली पुलिस ने खान मार्केट के एक रेस्टोरेंट से ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर बरामद दिया था। उसके बाद पुलिस ने छतरपुर में छापा मारकर एक आरोपित को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने 387 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर मैट्रिक्स सेलुलर कंपनी के वेयरहाउस से बरामद किया था। पिछले 6 मई को पुलिस ने लोधी कालोनी के एक रेस्टोरेंट से 419 ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर जब्त किया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में गौरव, सतीश सेठी, विक्रांत और हितेश को गिरफ्तार किया था। इन सभी को जमानत मिल चुकी है। पिछले 12 मई को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने इन सभी को जमानत दी थी। हिन्दुस्थान समाचार/ संजय/ पवन

अन्य खबरें

No stories found.