संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ वोट न करना, तमिलों के साथ धोखा : चिदंबरम

संयुक्त राष्ट्र में श्रीलंका के खिलाफ वोट न करना, तमिलों के साथ धोखा : चिदंबरम
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-विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मांगा इस्तीफा नई दिल्ली, 24 मार्च (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ आए प्रस्ताव पर भारत के रुख पर आपत्ति जताई है और इसे तमिल लोगों के साथ धोखा करार दिया है। भारत ने मानवाधिकारों के मुद्दे पर श्रीलंका के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में आए प्रस्ताव में मतदान से किनारा किया था। इसी मुद्दे पर कांग्रेस नेता ने केन्द्र सरकार को घेरने की कोशिश की है और विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस्तीफे की मांग की है। तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर कांग्रेस पार्टी राज्य की अन्नाद्रमुक और भाजपा गठबंधन की सरकार पर हमला करने का कोई मौका नहीं चूक रही है। इस कड़ी में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) की बैठक में श्रीलंका के खिलाफ लगे मानवाधिकारों के उल्लंघन वाले प्रस्ताव पर वोटिंग से भारत के किनारा करने पर कांग्रेस ने सरकार को निशाने पर लिया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने बुधवार को ट्वीट कर कहा है कि ‘भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ प्रस्ताव पर मतदान से खुद को अलग कर लिया। यह तमिल लोगों और उनकी सर्वसम्मत भावना एवं इच्छा के साथ एक बड़ा विश्वासघात है। इससे तमिलों के हितों को गहरा आघात पहुंचा है, जिसके लिए तमिलनाडु के लोगों को ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) और भाजपा के गठबंधन को दंडित करना चाहिए।’ कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के प्रस्ताव पर वोटिंग से दूर रहने को लेकर भारत के प्रतिनिधि को निर्देश देने के लिए मजबूर किया गया, तो उन्हें तमिल हितों के साथ विश्वासघात के विरोध में इस्तीफा देना चाहिए। हिन्दुस्थान समाचार/आकाश

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