निशंक ने अटल अकादमी के 15 ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्रामों का उद्घाटन किया

निशंक ने अटल अकादमी के 15 ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्रामों का उद्घाटन किया
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नई दिल्ली, 17 मई (हि.स.)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ट्रेनिंग एंड लर्निंग (अटल) अकादमी के ऑनलाइन एफडीपी कैलेंडर-2021-22 और अटल अकादमी के 15 ऑनलाइन फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्रामों (एफडीपी) का उद्घाटन किया। अटल अकादमी ने यह मेगा कैलेंडर 971 ऑनलाइन एफडीपी के संचालन के लिए बनाया है जिसमें देश भर के तकनीकी संस्थानों के फैकल्टी सदस्यों की विशेषज्ञता को विकसित करने के लिए कार्यक्रम निश्चित होंगे। केंद्रीय मंत्री ने फैकल्टी डेवलपमेंट के बारे में बात करते हुए कहा कि शिक्षा हमेशा दो-तरफा संचार होती है और हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिक्षा हर हालत में से जारी रहे। उन्होंने कहा, "अटल अकादमी, डाटा विज्ञान, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कम्प्यूटिंग, 3 डी प्रिंटिंग और डिजाइनिंग, कृत्रिम आसूचना (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), एआर व वी.आर, रोबोटिक्स, इंटरनेट आदि के प्रमुख एवं उभरते हुए क्षेत्रों में संकाय को ज्ञान प्रदान करने व उनके ज्ञान का संवर्धन करने के लिए विभिन्न संकाय विकास कार्यक्रम आयोजित करती है. यह अकादमी एआईसीटीई द्वारा अनुमोदित संस्थानों और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के संकाय सदस्यों को प्रेरणा और प्रशिक्षण देती है और इसके द्वारा बनाया गया फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम से आधुनिक तकनीक की मांगों के अनुसार विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।" अटल अकादमी के फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के सभी रिकॉर्ड किए गए सत्र एआईसीटीई के वेबपेज पर उपलब्ध हैं जिनके वीडियो को ज्ञान-प्राप्ति के इच्छुक लोग स्वतंत्र रूप से प्राप्त कर सकते हैं और उनका लाभ उठा सकते हैं। इस अवसर पर एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रो अनिल डी सहस्रबुद्धे, उपाध्यक्ष प्रो. एम. पी. पूनिया, सदस्य सचिव प्रो राजीव कुमार, निदेशक डॉ. रवींद्र कुमार सोनी, अटल सेल के सहायक निदेशक डॉ. गिरधारी लाल गर्ग, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ के निदेशक डॉ. श्याम सुंदर पटनायक, भारतीय फिल्म एवं टेलीविज़न संस्थान पुणे के निदेशक भूपेंद्र कैंथोला, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार के कुलपति प्रो. रूपकिशोर शास्त्री एवं एआईसीटीई के सभी समन्वयक, प्रतिभागी और विभिन्न अधिकारी तथा देश भर के संस्थानों के प्रमुख भी ऑनलाइन जुड़े थे। हिन्दुस्थान समाचार/सुशील